बुलंद सोच।
जिस जेन-जी ने सरकार के सामने नए सवाल खड़े किए हैं, 15 अगस्त को वही पीढ़ी प्रधानमंत्री के लाल किले से दिए जाने वाले संदेश के केंद्र में होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में जेन-जी के सवालों, आकांक्षाओं और भविष्य को खास जगह देंगे। सरकार इसके लिए होमवर्क कर रही है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने मंत्रालयों से ब्योरा मांगा है कि युवाओं के लिए अब तक क्या हुआ, उसका असर क्या रहा और आगे की योजना क्या है। इसका मकसद यह है कि लाल किले से कही हर बात के पीछे आंकड़े हों।
युवा मुद्दों पर सरकार की चिंता और कदम
जंतर-मंतर आंदोलन और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे ने सरकार की चिंता बढ़ाई। इसके बाद प्रधानमंत्री और संघ प्रमुख मोहन भागवत सोशल मीडिया पर युवाओं से सीधे संवाद करते दिखे। भाजपा शासित राज्यों से कहा गया है कि युवाओं से जुड़े हर मुद्दे को आंदोलन या बड़ी सुर्खी बनने से पहले सुलझा लिया जाए। उत्तर प्रदेश ने स्वतंत्र युवा आयोग बनाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 16 से 35 वर्ष के युवाओं के लिए एकीकृत युवा नीति के निर्देश दिए हैं।
स्वतंत्रता दिवस पर वंदेमातरम की गूंज
राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूरे होने पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार ध्वजारोहण के दौरान वंदेमातरम की धुन और शब्द गूंजेंगे। यह राष्ट्रगान से ठीक पहले होगा। रक्षा मंत्रालय के निमंत्रण पत्रों पर इसके सभी छह छंद प्रकाशित हैं। डेढ़ सौ साल बाद उसकी गूंज फिर नौजवानों तक पहुंचेगी।

