बुलंद सोच, उज्जैन।
उज्जैन में एक महिला ने महामंडलेश्वर पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। महिला ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, महामंडलेश्वर ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए पूरे मामले को एक साजिश करार दिया है।
फिलहाल, महाकाल थाना पुलिस दोनों पक्षों के आवेदनों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
सदावल रोड स्थित दादूराम आश्रम के महामंडलेश्वर ज्ञानदास के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए महिला ने बताया कि वर्ष 2025 में गुरु पूर्णिमा पर उन्होंने ज्ञानदास महाराज के आश्रम में सेवा की थी। महाराज ने उसे आश्रम में ही रात रोक लिया था।
महिला के अनुसार, रात को उसे खीर खिलाई गई, जिसके बाद वह बेहोश हो गई। उसने आरोप लगाया कि नशे की हालत में उसके साथ दुष्कर्म किया गया था। इस संबंध में महिला ने एसपी प्रदीप शर्मा को शिकायत दी थी, जिसकी जांच की जा रही है।
दूसरी ओर, ज्ञानदास का कहना है कि उनकी पहचान महिला से सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी। महिला अपने कथित भाई के साथ आश्रम आती-जाती थी और स्वयं को हिंदुत्व से जुड़े कार्यों में सक्रिय बताती थी।
इसके बाद दोनों के बीच व्हाट्सएप कॉल पर बातचीत होने लगी। ज्ञानदास के अनुसार, महिला ने कई बार आर्थिक मदद के नाम पर उनसे रुपये उधार लिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि महिला और उसके साथ आए युवक ने उन्हें भोजन के लिए अपने घर बुलाया, जहां खाने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसी दौरान उनके साथ आपत्तिजनक तस्वीरें खींच ली गईं और बाद में उन्हें दिखाकर ब्लैकमेल किया जाने लगा।
महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि महिला और ज्ञानदास दोनों के आवेदन प्राप्त हुए हैं। महिला ने पहले पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दी थी।
उसे बयान दर्ज कराने के लिए थाने बुलाया गया था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुई। वहीं, ज्ञानदास थाने पहुंचे और उन्होंने कथित विवाह तथा रुपये के लेनदेन से जुड़े कुछ दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत किए।
पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

