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2026-07-31

उज्जैन: महामंडलेश्वर ज्ञानदास पर दुष्कर्म, मारपीट और ब्लैकमेलिंग का आरोप, उन्होंने हनी ट्रैप का दावा किया

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, उज्जैन।

उज्जैन के सदावल रोड स्थित दादू आश्रम के महामंडलेश्वर ज्ञानदास पर एक महिला ने दुष्कर्म, मारपीट, जान से मारने की धमकी देने और ब्लैकमेल करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायती आवेदन सौंपा और मामले में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने की मांग की है।

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इस संबंध में जब महामंडलेश्वर ज्ञानदास से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह पहले ही पुलिस को आवेदन दे चुके हैं और महिला ने बाद में शिकायत की है। उन्होंने महिला के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वह उन्हें हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग के जरिए फंसाना चाहती थी। ज्ञानदास ने कहा, “वह मुझे राजा रघुवंशी जैसा बनाना चाहती थी, लेकिन मैं उसकी साजिश से बच गया।”

उल्लेखनीय है कि 17 जुलाई को ज्ञानदास महाराज ने महाकाल थाने में एक शिकायती आवेदन दिया था। इस आवेदन में उन्होंने आरोप लगाया था कि संबंधित महिला और उसका भाई आश्रम के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं तथा उन पर झूठे आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया था कि दोनों ने सोशल मीडिया पर उनकी कुछ तस्वीरें और वीडियो साझा कर उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया है।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दिए गए अपने आवेदन में महिला ने आरोप लगाया है कि उसे खीर का प्रसाद खिलाने के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया गया। महिला का यह भी आरोप है कि घटना के बाद उसे चुप रहने के लिए दबाव बनाया गया और जान से मारने की धमकी देकर उसके कुछ कथित अश्लील फोटो और वीडियो दिखाए गए, जिससे वह डर गई। महिला ने कहा कि उसने इस मामले की शिकायत सभी संबंधित अधिकारियों से की है और उसे न्याय मिलने की उम्मीद है।

महामंडलेश्वर ज्ञानदास ने बताया कि वर्ष 2025 में उनकी मुलाकात महिला और उसके भाई से हुई थी। उनके अनुसार, दोनों ने पहले उनका विश्वास जीता और बाद में उन्हें अपने जाल में फंसा लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक दिन भोजन के बहाने उन्हें घर बुलाया गया, जहां उनके कथित आपत्तिजनक फोटो ले लिए गए। इसके बाद उन्हें ब्लैकमेल किया जाने लगा।

ज्ञानदास ने दावा किया कि दबाव में आकर उन्होंने महिला और उसके भाई को लाखों रुपये की आर्थिक मदद की, लेकिन उनकी मांग लगातार बढ़ती गई। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया तो कथित तौर पर उनसे 25 से 30 लाख रुपये की मांग की गई और कहा गया कि पैसा देने पर मामला समाप्त कर दिया जाएगा। ज्ञानदास ने यह भी बताया कि शिकायत में विवाह का उल्लेख है और उनके अनुसार, उन्होंने महिला से विवाह किया था, लेकिन बाद में महिला और उसके भाई ने उन पर लाखों रुपये देने का दबाव बनाया तथा आश्रम में हिस्सा भी मांगा।

पुलिस के अनुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आलोक शर्मा ने बताया कि महिला द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि महिला को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह अब तक उपस्थित नहीं हुई है, इसलिए उसके बयान दर्ज नहीं हो सके हैं। वहीं, जांच अधिकारी एसआई नेहा सिंह ने बताया कि ज्ञानदास के आवेदन पर उनके बयान दर्ज किए जा चुके हैं। उन्होंने महिला से विवाह, रुपये के लेनदेन और अन्य दावों से संबंधित कुछ दस्तावेज एवं साक्ष्य भी उपलब्ध कराए हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के आवेदनों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।