BREAKING NEWS
2026-08-14

1962 भारत-चीन युद्ध: चीनी सैनिक के वंशजों को जाति प्रमाण पत्र नहीं

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, बालाघाट।

बालाघाट जिले में 1962 के भारत-चीन युद्ध से जुड़ी एक कहानी आज भी एक परिवार की जिंदगी को प्रभावित कर रही है।

बालाघाट के एक परिवार का दावा है कि 1962 युद्ध में बंदी बने एक चीनी सैनिक ने भारत में बसकर एक भारतीय महिला से शादी की थी।

Advertisement

अब उनकी तीसरी पीढ़ी को पिता की नागरिकता और जाति संबंधी नियमों के कारण जाति प्रमाण पत्र नहीं मिल रहा है।

तिरोड़ी गांव में रहने वाले विष्णु वांग का दावा है कि उनके पिता 1962 के युद्ध के दौरान चीनी सेना के सैनिक थे।

युद्ध के दौरान उन्हें भारत ने युद्धबंदी बनाया और करीब सात साल तक दिल्ली, भोपाल और जबलपुर सहित कई जेलों में रखा गया।

सजा पूरी होने के बाद उन्हें चीन वापस नहीं भेजा गया, बल्कि भारत में ही रहने की अनुमति दे दी गई। यहीं उन्होंने एक भारतीय महिला से विवाह कर परिवार बसाया।