बुलंद सोच, मुरैना।
अटल प्रोग्रेस-वे का एलाइनमेंट बदलने की मांग को लेकर सोमवार को मध्य प्रदेश किसान सभा के नेतृत्व में संयुक्त किसान मोर्चा और केंद्रीय ट्रेड यूनियन मंच की ओर से मुरैना, कैलारस व सबलगढ़ में प्रदर्शन किए गए। इस दौरान आमसभाएं भी आयोजित की गईं।
कैलारस और सबलगढ़ में पुलिस ने कार्यकर्ताओं के नाम एक पेज पर लिखकर उनकी गिरफ्तारियां स्वीकार कीं। इन दोनों स्थानों पर लगभग 500 से 600 लोगों के नाम गिरफ्तारी के रूप में दर्ज किए गए। गिरफ्तारी सूची बनाने के बाद सभी को रिहा करने की घोषणा की गई। कार्यकर्ताओं द्वारा जेल भेजने की मांग करने पर प्रशासन ने उन्हें बिना मुचलकों की कार्रवाई के रिहा कर दिया।
वहीं, मुरैना में गिरफ्तारियां नहीं की गईं और पुलिस का कोई अवरोध भी नहीं हुआ। मुरैना में कार्यकर्ता नेहरू पार्क पर इकट्ठा हुए, जहां से रैली के रूप में कलेक्ट्रेट तक पहुंचे। यहां रामप्रकाश गुर्जर, प्रसून राठौर और बैजनाथ पिप्पल ने सभा को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी शामिल थीं।
कैलारस में किसान सभा के कार्यकर्ता पुरानी सब्जी मंडी में इकट्ठा हुए और यहां आमसभा आयोजित की गई। अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव बादल सरोज ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार का हमला मजदूर किसानों पर है और इसका पुरजोर विरोध करना है। उन्होंने अटल प्रोग्रेस-वे सड़क परियोजना एवं उद्योग विभाग को चंबल के बीहड़ों की जमीन आवंटन की कार्रवाई रद्द करने और शक्कर कारखाना चलाने की मांग को पुरजोर तरीके से उठाया।
इसी तरह सबलगढ़ के गल्ला मंडी में कार्यकर्ता एकत्रित हुए, जहां मध्य प्रदेश किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तिवारी ने आमसभा को संबोधित किया। उन्होंने आगामी सितंबर में जिला मुख्यालय पर सत्याग्रह करने की बात कही। उनके अलावा, किसान नेता गयाराम सिंह धाकड़, मुरारी लाल धाकड़, ओमप्रकाश श्रीवास, राजेश गुप्ता, नरेश गोस्वामी, राकेश शुक्ला, राजवीर सिंह धाकड़, इब्राहिम शाह, कृष्णा यादव, अशोक कुमार, नरोत्तम नागर, रूबी कुशवाह और योगेश धाकड़ आदि ने भी सभा को संबोधित किया।
अटल प्रोग्रेस-वे और चंबल के बीहड़ की जमीन उद्योग विभाग को आवंटित करने वाले किसानों ने हाथ उठाकर सितंबर में जिला मुख्यालय पर आंदोलन करने का संकल्प दोहराया। इसके बाद नारेबाजी के साथ आंदोलन का समापन किया गया।

