बुलंद सोच, भोपाल।
पुराने भोपाल का इतवारा क्षेत्र लंबे समय से अवैध गांजा तस्करी के लिए कुख्यात रहा है, जिसकी पहचान शहर में नशीले पदार्थों की सप्लाई के प्रमुख केंद्र के रूप में है। इस इलाके पर पुलिस की लगातार नजर रहती है।
इसी कड़ी में ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान और ‘मिशन ड्रग फ्री भोपाल’ के तहत शनिवार देर रात पुलिस ने इतवारा क्षेत्र में संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
डीसीपी आयुष गुप्ता के नेतृत्व में हुई इस देर रात की छापेमारी में 300 से अधिक पुलिसकर्मी शामिल थे, जिनमें बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मी भी तैनात थीं। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच इतवारा के घनी आबादी वाले इलाके में पुलिस की अलग-अलग टीमों ने एक साथ दबिश दी।
पुलिस टीम ने लगभग 60 से 70 मकानों की तलाशी ली, जहां से भारी मात्रा में अवैध गांजा बरामद होने का दावा किया जा रहा है।
इतवारा क्षेत्र से थोक स्तर पर गांजे की सप्लाई भोपाल के विभिन्न इलाकों के साथ-साथ आसपास के जिलों तक की जाती थी। पुलिस अब पूरे नेटवर्क, सप्लाई चेन और इसमें शामिल तस्करों की भूमिका की जांच कर रही है।
माना जा रहा है कि इस कार्रवाई के बाद नशे के कारोबार से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं। कार्रवाई पूरी होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि कुल कितनी मात्रा में गांजा बरामद हुआ है और कितने लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल पुलिस कमिश्नरेट द्वारा इतवारा के साथ-साथ छोला, तलैया और आरिफ नगर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में एनडीपीएस एक्ट के तहत लगातार निगरानी रखी जा रही है। पुलिस को लंबे समय से इस इलाके में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री और उन्हें रखे जाने की सूचना मिल रही थी, जिसके आधार पर यह विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की गई है।
भोपाल के एसीपी संतोष कुमार पटेल ने बताया कि फिलहाल तलाशी और जब्ती की कार्रवाई जारी है।
इस बीच, भोपाल रेल पुलिस ने भी एक अनूठी पहल की है, जहां रानी कमलापति स्टेशन पर ‘नशे से दूरी है जरूरी’ का नारा गूंजा और जीआरपी ने एक विशाल मानव श्रृंखला बनाई।

