बुलंद सोच, भोपाल।
भगवान शिव के प्रिय श्रावण मास को लेकर मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। श्रावण-भादौ महीने के सोमवार को उज्जैन में निकलने वाली महाकाल की सवारी की तरह भोपाल के बाबा मुक्तेश्वर की पांच सवारी निकाली जाती है।
श्रावण मास की शुरुआत 30 जुलाई से हो रही है और पहला सोमवार 3 अगस्त को है। इन पांच सवारियों में से चार सवारियां श्रावण मास में और एक सवारी भादौ मास के सोमवार को निकाली जाएगी।
इस दौरान हर दिन मुक्तेश्वर महादेव की भस्म आरती भी की जाएगी। मुक्तेश्वर महादेव इन रूपों में दर्शन देंगे: पहले सोमवार को मनमहेश, दूसरे सोमवार को घटाटोप, तीसरे सोमवार को गरुणासन और चौथे सोमवार को महाकाल रूप।
उज्जैन में महाकाल की सवारी व्यवस्था
उज्जैन में श्रावण-भादौ मास में भगवान महाकाल की कुल 6 सवारियां निकलती हैं। इनमें से 4 सवारियां श्रावण मास के सोमवार पर निकलती हैं और दो सवारियां भादौ मास में।
उज्जैन में निकलने वाली आखिरी सवारी राजसी सवारी के रूप में निकाली जाती है, जिसके दर्शन करने बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं।
भोपाल के मंदिरों में श्रावण की तैयारियां
भोपाल के सभी मंदिरों में श्रावण की तैयारियां की जा रही हैं। इसमें सोमवार के दिन विशेष आयोजन होंगे।
भोलेनाथ का विशेष शृंगार और महाआरती की जाएगी। श्रावण में भगवान शिव का अभिषेक भी किया जाएगा।
उज्जैन में दर्शन व्यवस्था में बदलाव
श्रावण मास में उज्जैन में महाकाल और कालभैरव सहित सभी प्रमुख मंदिरों में दर्शन व्यवस्थाएं बदलेंगी।

