बुलंद सोच, भोपाल।
नीट परीक्षा को लेकर दिल्ली में हुए प्रदर्शन के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मध्य प्रदेश में जेन-जी को साधने की कवायद शुरू की है। भाजपा युवा मोर्चा नीट की तैयारी कर रहे छात्रों के घर-घर जाकर उनसे संपर्क कर रहा है। छात्रों को नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में सरकार की ओर से की गई कार्रवाई और प्रयासों से अवगत कराया जा रहा है। पेपर लीक मामले में दोषियों पर कार्रवाई, एक निश्चित समय में पुनः परीक्षा आयोजित करने और छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए बेहतर व्यवस्था करने जैसे तमाम प्रयास जेन-जी को बताए जा रहे हैं। अन्य प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों से भी संवाद कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। छात्रों से फीडबैक लेकर इसकी रिपोर्ट भी बनाई जा रही है। इससे केंद्रीय नेतृत्व को अवगत कराया जाएगा।
स्वजनों और महिला मोर्चा का संवाद
नीट की तैयारी कर रहे छात्रों से बातचीत के जरिए उनकी नाराजगी दूर करने में जुटे भाजपा कार्यकर्ता छात्रों के साथ उनके स्वजनों से भी संवाद कर रहे हैं। नीट-2026 के छात्रों और उनके स्वजनों से घर जाकर बात करके उनकी समस्याएं सुनी जा रही हैं और उनके सुझाव व अनुभव भी राष्ट्रीय नेतृत्व को बताए जाएंगे। इधर, महिला मोर्चा ने भी नीट छात्राओं से संवाद का कार्यक्रम बनाया है। मोर्चा पदाधिकारी छात्राओं व उनके स्वजनों से संवाद कर उनके सुझाव व अनुभव की पूरी रिपोर्ट बनाएंगे।
युवा मोर्चा के प्रयास और पेपर लीक रोधी कानून
भारतीय जनता युवा मोर्चा के मध्य प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर का कहना है कि युवा मोर्चा पदाधिकारियों ने प्रदेशभर में हाल ही में नीट परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके 100 छात्रों को उनके घर जाकर सम्मानित किया है। पिछले 10 दिन से लगातार नीट छात्रों से संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा इंटरनेट मीडिया के माध्यम से भी युवाओं से संवाद किया जा रहा है। छात्र अपना अनुभव व सुझाव वीडियो के माध्यम से इंटरनेट मीडिया पर शेयर भी कर रहे हैं और छात्रों ने मध्य प्रदेश में नीट परीक्षा में की गई व्यवस्थाओं पर संतुष्टि जताई है। छात्रों व उनके स्वजनों से मिले फीडबैक से राष्ट्रीय नेतृत्व को भी अवगत कराएंगे। हमारा प्रयास है कि प्रदेश का मोर्चा कार्यकर्ता प्रदेश के युवाओं से संवाद का क्रम निरंतर बनाए रखेगा। पेपर लीक रोधी बिल कानून बन चुका है, जिसे राष्ट्रपति मुर्मू ने मंजूरी दी है। इस कानून में कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान है। जांच दो महीने के भीतर पूरी की जाएगी।

