बुलंद सोच, छतरपुर।
छतरपुर के गंगा सागर स्कूल के पास स्थित शिव मंदिर में मंगलवार को एक नाग करीब दो घंटे तक शिवलिंग से लिपटा रहा।
इस दौरान दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने गर्भगृह में प्रवेश नहीं किया और सुरक्षा के चलते बाहर से ही भगवान शिव के दर्शन करते रहे।
नाग के सुरक्षित बाहर निकल जाने के बाद मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना शुरू हुई।
सुबह पूजा के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने देखा कि एक नाग शिवलिंग के चारों ओर लिपटा हुआ है। यह दृश्य देखते ही मंदिर परिसर में मौजूद लोगों ने अन्य श्रद्धालुओं को सतर्क किया और सुरक्षा की दृष्टि से किसी को भी गर्भगृह में प्रवेश नहीं करने दिया। सभी से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की गई।
घटना की जानकारी मिलते ही मंदिर के बाहर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र हो गए। कई लोगों ने इसे भगवान शिव और नागराज के दिव्य संबंध का प्रतीक मानते हुए आस्था का विषय बताया। श्रद्धालुओं का कहना था कि भगवान शिव को नागों का स्वामी माना जाता है और उनके गले में सदैव नाग विराजमान रहते हैं। ऐसे में शिवलिंग पर नाग का दिखाई देना उनके लिए एक दुर्लभ और अद्भुत दृश्य था।
करीब दो घंटे तक नाग मंदिर परिसर में ही रहा। इस दौरान किसी ने उसे छेड़ने या हटाने का प्रयास नहीं किया। कुछ देर बाद नाग अपने आप मंदिर से बाहर निकल गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने गर्भगृह में प्रवेश कर भगवान शिव का जलाभिषेक और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। कई लोगों ने इस अनोखे दृश्य को अपने मोबाइल फोन में भी रिकॉर्ड किया।
घटना के दौरान किसी तरह की जनहानि या अप्रिय स्थिति नहीं हुई। लंबे समय तक मंदिर परिसर में इस घटना की चर्चा होती रही और श्रद्धालु इसे आस्था तथा प्रकृति के अद्भुत संयोग के रूप में देखते रहे।
