बुलंद सोच, भोपाल।

दतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी रहे आशुतोष तिवारी ने हार के लिए पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की भूमिका पर गोलमोल जवाब दिया है। दैनिक भास्कर के सवाल पर श्री तिवारी ने कहा कि यह जांच समिति तय करेगी। गुरुवार को भाजपा मुख्यालय पहुंचे श्री तिवारी ने कहा कि कांग्रेस ने षड्यंत्र किया और पार्टी उसे समझ नहीं पाई। उन्होंने कहा कि इस षड्यंत्र का अनजाने में भी कुछ लोग हिस्सा रहे हैं, तो उनको समझने का प्रयास किया जाएगा।
दतिया सीट पर हाल ही में हुए उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने आशुतोष तिवारी को 6016 वोटों से हराया है। यह सीट तत्कालीन कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को फ्रॉड मामले में 2 साल की सजा मिलने के बाद खाली हुई थी।
आशुतोष तिवारी ने कहा कि कांग्रेस ने षड्यंत्र किया और पार्टी उसे समझ नहीं पाई। उन्होंने संज्ञान में लेकर सुधार करने की बात कही और बताया कि सबका साथ मिला है। श्री तिवारी ने कहा कि पार्टी को पहले से अधिक वोट प्रतिशत मिला है और 2023 में हुई हार का अंतर भी इस बार कम हुआ है, जो उनके लिए सकारात्मक बात है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों का आशीर्वाद उन्हें मिला है, उनके बीच रहकर वे सेवा के अपने संकल्प को आगे भी पूरा करते रहेंगे।
आशुतोष तिवारी ने 2028 का विधानसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर कहा कि वे एक साधारण कार्यकर्ता की भूमिका में रहेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व जो भी जिम्मेदारी देगा, उसका पूरी निष्ठा के साथ पालन करेंगे।
डॉ. नरोत्तम मिश्रा को हार के लिए कितना जिम्मेदार मानते हैं, इस सवाल के जवाब में श्री तिवारी ने कहा कि इसका निर्णय जांच समिति करेगी। उन्होंने बताया कि वही समीक्षा करेगी कि किस व्यक्ति के बारे में क्या मत है और जो भी विषय सामने आएंगे, उन्हें संज्ञान में लिया जाएगा।
अपने व्यक्तिगत मत के बारे में आशुतोष तिवारी ने कहा कि कहीं न कहीं ऐसी रिक्तता रही, जिसके कारण कांग्रेस के षड्यंत्र को पार्टी समझ नहीं पाई। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस के षड्यंत्र का कोई हिस्सा कुछ लोग रहे हैं, तो उसे भी समझने का प्रयास किया जाएगा।
भाजपा के दतिया जिलाध्यक्ष रहे रघुवीर शरण कुशवाह के इस बयान पर कि सबको हटाने के बजाय सिर्फ दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए थी, आशुतोष तिवारी ने कहा कि सबका अपना-अपना मत हो सकता है। उन्होंने बताया कि पार्टी में निर्णय नेतृत्व का होता है और नेतृत्व के फैसले को सभी कार्यकर्ता समर्पण, निष्ठा और विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता के साथ स्वीकार करते हैं।
चुनाव में भीतरघात के सवाल पर आशुतोष तिवारी ने कहा कि कोई न कोई चूक जरूर हुई है। उन्होंने बताया कि उसकी समीक्षा होगी और उसके बाद ही अधिकृत रूप से कुछ कहा जा सकेगा। उन्होंने इस पर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी बताया।
अपनी रिपोर्ट में संगठन को क्या बताया है, इस सवाल पर आशुतोष तिवारी ने कहा कि उन्होंने कोई अलग से रिपोर्ट नहीं दी है। उन्होंने बताया कि वे केवल उन सभी लोगों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने आए थे, जिन्होंने मेहनत की, आशीर्वाद दिया और क्षेत्र में समय देकर सहयोग किया।
दतिया का जिलाध्यक्ष बनाए जाने के सवाल को आशुतोष तिवारी ने पूरी तरह काल्पनिक बताया, जिसका कोई जवाब नहीं है। यदि पार्टी यह जिम्मेदारी देती है, तो इस पर उन्होंने कहा कि दतिया का हर कार्यकर्ता इस जिम्मेदारी को निभाने में सक्षम है। उन्होंने कार्यकर्ताओं की निष्ठा, ईमानदारी, विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता और राष्ट्र व पार्टी को सर्वोपरि बताया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं में से ही कोई भी यह जिम्मेदारी निभा सकता है।
डॉ. नरोत्तम मिश्रा से उनकी मुलाकात के राजनीतिक मायने पर आशुतोष तिवारी ने कहा कि इसके कोई राजनीतिक मायने नहीं हैं। उन्होंने इसे सार्वजनिक जीवन में शिष्टाचार के तहत एक सामान्य सौजन्य मुलाकात बताया।
पार्टी की कार्रवाई और समिति गठन
भाजपा ने हार के कारणों की जांच के लिए प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे और चंबल संभाग के पूर्व संगठन मंत्री अंबाराम कराड़ा की दो सदस्यीय समिति बनाई है। इस समिति की प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर दतिया की पूरी कार्यकारिणी भंग कर दी गई है। आगे की कार्रवाई समिति की विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद होगी। सूत्रों के अनुसार, पार्टी भीतरघात करने वालों को कारण बताओ नोटिस देने, निलंबन और निष्कासन जैसी कार्रवाई करेगी। वहीं, चुनाव में अच्छा काम करने वाले को पार्टी संगठन में दोबारा मौका दिया जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने हार पर गहन समीक्षा करने की बात कही है।
दतिया उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद पार्टी नेतृत्व ने जिला कार्यकारिणी समेत दतिया के सभी मंडल, मोर्चा, प्रकोष्ठ, प्रकल्प और विभागों की इकाइयों को भंग कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने हार की समीक्षा के लिए बनाई गई विशेष समिति की रिपोर्ट पर यह कार्रवाई की है।

नरोत्तम मिश्रा का हरिद्वार दौरा
एक ओर जहां आशुतोष तिवारी भोपाल में भाजपा के नेताओं से मेल-मुलाकात कर रहे थे, वहीं नरोत्तम मिश्रा बुधवार रात को भोपाल से ट्रेन से अचानक दिल्ली के लिए रवाना हुए। भास्कर द्वारा दिल्ली जाने की वजह पूछने पर उन्होंने कहा कि वे हरिद्वार आए हैं और राजधानी एक्सप्रेस से दिल्ली तक आए थे।

