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2026-08-07

मध्य प्रदेश में बाल अपहरण के मामले पांच साल में 64% बढ़े, देश में दूसरा स्थान

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, इंदौर।

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा लोकसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में वर्ष 2024 के दौरान 11,594 बाल अपहरण एवं व्यपहरण के मामले दर्ज हुए हैं। यह आंकड़ा देश में महाराष्ट्र (12,950) के बाद दूसरा सबसे बड़ा है।
प्रदेश में बाल अपहरण के मामलों में पांच वर्षों में लगभग 64 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्ष 2020 में 7,058 मामले दर्ज हुए थे, जो बढ़कर वर्ष 2024 में 11,594 हो गए।
देशभर में वर्ष 2024 में बच्चों के अपहरण के कुल 75,108 मामले दर्ज किए गए, जिनमें अकेले मध्य प्रदेश की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत से अधिक है। इसका अर्थ है कि देश में दर्ज होने वाले लगभग हर छह मामलों में से एक मामला मध्य प्रदेश से संबंधित है।
मध्य प्रदेश के बाद सर्वाधिक मामलों वाले राज्यों में उत्तर प्रदेश (8,350), ओडिशा (6,814), बंगाल (5,661) और राजस्थान (5,414) का स्थान है।

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बच्चों की बरामदगी में सुधार

रिपोर्ट के दूसरे पक्ष में राहत मिली है, जिसमें बच्चों की बरामदगी में सुधार देखा गया है। वर्ष 2024 में मध्य प्रदेश में कुल 11,669 बाल पीड़ित दर्ज किए गए, जबकि 11,652 बच्चों को जीवित बरामद किया गया है।
रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि बरामदगी के इन आंकड़ों में पिछले वर्षों में अपहृत होकर बाद में मिले बच्चे भी शामिल हैं। यह दर्शाता है कि बच्चों की तलाश और बचाव के तंत्र पहले की तुलना में अधिक प्रभावी हुए हैं।

पांच साल के आंकड़े

केंद्रीय गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश में पिछले पांच वर्षों में बाल अपहरण के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2020 में 7,058 मामले, वर्ष 2021 में 9,137 मामले, वर्ष 2022 में 10,125 मामले, वर्ष 2023 में 11,521 मामले और वर्ष 2024 में 11,594 मामले दर्ज हुए हैं।

तलाश में तकनीकी और अभियान

बच्चों की तलाश में तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। ‘ट्रैक चाइल्ड पोर्टल’ को ‘मिशन वात्सल्य’ से जोड़ा गया है, और ‘खोया-पाया’ मॉड्यूल के माध्यम से आम नागरिक भी सूचना दे सकते हैं।
इसके अतिरिक्त, 24×7 चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 को इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम -112 से एकीकृत किया गया है। रेलवे में ‘ऑपरेशन एएएचटी’ और ‘नन्हे फरिश्ते’ जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं, तथा राज्यों में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को मजबूत किया गया है।

हालिया मामले और नई नीति

इंदौर में बाणगंगा पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया, जो नाबालिग लड़कियों का अपहरण कर उन्हें बालिग बताकर जबरन शादी कराता था और लाखों रुपये की ठगी करता था।
ग्वालियर में जीआरपी ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस से अगवा की गई 18 माह की बच्ची को बुधवार को 24 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर आरोपित को गिरफ्तार किया।
एक महत्वपूर्ण बदलाव के तहत, मध्य प्रदेश में गुमशुदगी की रिपोर्ट पर अब सीधे प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय ने निर्देश जारी किए हैं।