बुलंद सोच, इंदौर।
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) के नाम और लोगो का दुरुपयोग कर इंटरनेट मीडिया पर फर्जी अकाउंट्स बनाने का मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर विश्वविद्यालय गंभीर दिखाई दे रहा है। जानकारी मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है। लिखित आवेदन में तीन से चार ऐसे अकाउंट्स के बारे में बताया गया है। इन अकाउंट्स की पोस्ट में भ्रामक तथ्य देने की बात कही गई है। अधिकारियों के अनुसार, प्रवेश और परीक्षा संबंधित कई गलत जानकारी अपलोड की गई है।
अनधिकृत अकाउंट्स की पहचान
विश्वविद्यालय ने इन अनधिकृत अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शिकायत की है। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के मुताबिक, कुछ अज्ञात लोगों ने डीएवीवी के नाम, पहचान और आधिकारिक लोगो का उपयोग कर इंस्टाग्राम, फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर) सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अनधिकृत अकाउंट्स बनाए हैं, जिसमें डीएवीवी इंदौर 64, डीएवीवी, डीएवीवी इंदौर और डीएवीवी 64 जैसे अकाउंट्स में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय का नाम और लोगो लगाया गया है।
भ्रम की स्थिति और प्रतिष्ठा पर प्रभाव
इन अकाउंट्स के माध्यम से प्रसारित की जा रही जानकारी से विद्यार्थियों, अभिभावकों और नागरिकों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। कई लोग इन अकाउंट्स को विश्वविद्यालय का आधिकारिक मंच समझकर वहां उपलब्ध सूचनाओं को सही मान लेते हैं। साइबर सेल को दी गई शिकायत में बताया गया है कि विश्वविद्यालय के नाम और पहचान का इस प्रकार किया जा रहा दुरुपयोग उसकी प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकता है।
कुलसचिव का बयान और कार्रवाई की मांग
कुलसचिव डॉ. प्रज्वल खरे का कहना है कि आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट के अतिरिक्त विश्वविद्यालय के नाम और लोगो का उपयोग कर बनाए गए सभी अनधिकृत अकाउंट्स की जांच की जाएगी। मामले में साइबर सेल में शिकायत दर्ज करवाई गई है। वहीं, आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।
एमएड के विद्यार्थियों ने असिस्टेंट प्रोफेसर पर कक्षाएं नहीं लेने के बावजूद परीक्षा के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
