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2026-07-24

देवास की शंकरगढ़ पहाड़ी पर 7 साल बाद दिखी जंगली बिल्ली

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, देवास।

वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संकट और जलवायु परिवर्तन की चिंताजनक खबरों के बीच देवास शहर की शंकरगढ़ पहाड़ी से एक सुखद और उम्मीद जगाने वाली खबर सामने आई है। इस पहाड़ी के वन क्षेत्र में हाल ही में एक जंगली बिल्ली को देखा गया है। पूर्व में अवैध उत्खनन की वजह से अपना अस्तित्व खो चुकी शंकरगढ़ पहाड़ी पर अब प्रकृति का पुनर्जन्म हो रहा है। जंगली बिल्ली के साथ-साथ पूर्व में यहां तेंदुआ और लकड़बग्घा भी देखे जा चुके हैं, जो इस बात का स्पष्ट प्रतीक है कि यहां का पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र तेज़ी से स्वस्थ हो रहा है।

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संरक्षण के निरंतर प्रयास

ग्रीन आर्मी के समरजीत जाधव ने बताया कि शंकरगढ़ पहाड़ी को पुनर्जीवित करना एक दिन का काम नहीं था। पिछले सात वर्षों से देवास के युवाओं, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, वन विभाग के साथ पुलिस और प्रशासन ने इस पहाड़ी के संरक्षण और पौधारोपण के लिए लगातार काम किया है। जाधव के अनुसार, जो पहाड़ी कभी अवैध उत्खनन के कारण पत्थरों का बंजर ढेर बन चुकी थी, आज वही पहाड़ी हरियाली की चादर ओढ़कर वन्यजीवों का सुरक्षित आश्रय स्थल बन रही है। पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, किसी क्षेत्र में जंगली बिल्ली या अन्य मांसाहारी जीवों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि वहां खाद्य श्रृंखला और जैव-विविधता पुनः स्थापित हो रही है। यदि कोई वन्यजीव किसी स्थान को अपना ठिकाना बनाता है, तो इसका अर्थ है कि वहां उसके लिए पर्याप्त भोजन, पानी और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध है।

संघर्ष की जीत और भविष्य के लक्ष्य

समरजीत जाधव ने कहा कि शंकरगढ़ पहाड़ी पर जंगली बिल्ली का दिखना हम सभी के 7 साल के संघर्ष की जीत है। यह खबर साबित करती है कि हमारी प्रकृति दोबारा सांस ले रही है। हमारा लक्ष्य शंकरगढ़ पहाड़ी को इतना सुरक्षित और समृद्ध बनाना है कि यहां अन्य वन्यजीव भी स्वतंत्र रूप से फल-फूल सकें। एसडीओ वन, देवास के विकास माहोरे ने बताया कि यह क्षेत्र खनन का था, जहां धीरे-धीरे प्रकृति फिर से अपने पुराने रूप में लौट रही है। तेंदुआ व लकड़बग्घा जैसे जानवर भी यहां मौजूद हैं, जो प्रकृति के लिए काफी उत्साहजनक बात है। माहोरे ने यह भी कहा कि शंकरगढ़ पर जनसहयोग से ही पौधारोपण और संरक्षण के काम वर्षों से किए जा रहे हैं, जिससे एक खनन क्षेत्र से प्राकृतिक पर्यावास बनने का सफर उत्साहजनक है।

अन्य घटना

पहले तेंदुए ने हमला किया, जिसके बाद एंबुलेंस नहीं मिलने पर एक बुजुर्ग को ऑटो से अस्पताल पहुंचाया गया था।