बुलंद सोच, जबलपुर।
न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ ने एक आपराधिक मामले में शिकायतकर्ता के लगातार अदालत में गवाही के लिए अनुपस्थित रहने पर कड़ा रुख अपनाया है।
उच्च न्यायालय ने भोपाल पुलिस कमिश्नर को विस्तृत हलफनामा पेश करने तथा शिकायतकर्ता की ट्रायल कोर्ट में उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला भोपाल निवासी जितेंद्र सिंह ठाकुर द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका से संबंधित है। याचिकाकर्ता के विरुद्ध कोतवाली थाने में जमीन से संबंधित कथित धोखाधड़ी का मामला दर्ज है।
आरोप है कि शिकायतकर्ता शाहिद अख्तर लगातार गवाही के लिए उपस्थित नहीं हो रहा है, जिससे ट्रायल लंबित है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंकित सक्सेना ने पक्ष रखा।
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने भोपाल पुलिस कमिश्नर को यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया कि समन और वारंटों की तामील क्यों नहीं हो सकी।
अदालत ने एडिशनल पुलिस कमिश्नर से आंतरिक जांच कराकर यह पता लगाने का आदेश दिया कि वारंटों के निष्पादन में किस पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही रही तथा दोषी पाए जाने पर उनके विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई।
हाई कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर को शिकायतकर्ता की अगली सुनवाई से पहले ट्रायल कोर्ट में उपस्थिति सुनिश्चित कराने, राज्य सरकार को आदेश की प्रति आवश्यक अनुपालन के लिए उपलब्ध कराने तथा 10 दिनों के भीतर हलफनामा दाखिल करने के निर्देश भी दिए हैं।
इस मामले की अगली सुनवाई तीन अगस्त, 2026 को होगी।

