बुलंद सोच, ग्वालियर।
शहर के झांसी रोड इलाके में सिथौली के पास रेलवे ट्रैक पर गुढ़ा-गुढ़ी का नाका निवासी जसपाल सिंह यादव ने ट्रेन के सामने कूदकर खुदकुशी कर ली। उसके साथ तीन लोगों ने लोन दिलाने के नाम पर 23 लाख रुपये की ठगी की थी। आरोपितों ने जसपाल को उसकी 1.50 करोड़ रुपये की पुश्तैनी जमीन पर 3.45 करोड़ रुपये का लोन दिलाने का झांसा दिया था। इस एवज में जसपाल ने अपनी गाड़ी गिरवी रखकर 20 प्रतिशत ब्याज पर कर्ज लिया और इन्हें 23 लाख रुपये दिए। आरोपितों ने उसे पिरामल बैंक का फर्जी सेंक्शन लेटर भी दिखाया था। इस ठगी से त्रस्त होकर युवक ने आत्महत्या कर ली। जसपाल ने पांच पेज का सुसाइड नोट लिखा है, जिसमें उसने तीन लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। उसने सुसाइड नोट में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को ग्वालियर का राजा लिखते हुए अपील की है कि यह पत्र उन तक पहुंचे और आरोपितों को सजा दिलाई जाए। साथ ही, उसके पिता को रुपये वापस दिलाए जाएं। पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराकर स्वजनों के सुपुर्द कर दिया है।
सुसाइड नोट के संपादित अंश
जसपाल सिंह यादव ने अपने सुसाइड नोट में लिखा, “मैं जसपाल सिंह यादव अपने पूरे होश और हवास में यह लिख रहा हूं कि मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं और मेरी हत्या के जिम्मेदार आशीष गुप्ता (नंबर 9630 868 777), रवि जाटव निवासी डबरा (नंबर 7974 877 212) और मुख्य आरोपी रवि कुमार निवासी टेकनपुर (नंबर 92380 37 319) हैं। इन लोगों ने लोन करवाने के एवज में मुझसे 23 लाख रुपए लिए। उन्होंने कहा कि डेढ़ करोड़ की जमीन पर 3 करोड़ 45 लाख का लोन हो गया है। पिरामल बैंक का सेंक्शन लेटर दिखाकर धोखे से रुपए लिए। इस व्यक्ति (रवि कुमार) ने फरवरी 2025 से जुलाई 2026 तक मेरा कोई काम नहीं किया और ये भाग गया। इसने काफी लोगों के साथ ऐसा किया है। इसने बल्ला बलराम के 23 लाख रुपए और लालू यादव के 9 लाख 80 हजार रुपए भी ठगे हैं। इन लोगों ने किसी का काम नहीं करवाया।” जसपाल ने आगे लिखा, “यह कल्याणी पुरा गांव में मिला जहां इसके जीजा ने इसे पनाह दी। 30 तारीख को रुपये दूंगा बोलकर पंचायत लगवा कर हमें झूठा आश्वासन देकर वापस भेज दिया। उसके बाद यह 30 तारीख को कचवा गुर्जर गांव गोहद में भाग गया। सूत्र से पता चला कि यह कुचवा गुर्जर गांव में रह रहा है और इसका जीजा जिसका नाम छोटू सरपंच है। कल्याणी पुरा, कचवा गुर्जर में इसके दोनों जीजा भी उतने ही दोषी हैं। उसके पास मेरे रुपए जो मैंने इसे 23 लाख दिए उसका मैंने 20% के हिसाब से ब्याज भरा है। 23 लाख के मैंने 35 लाख रुपए भुगते हैं। मैं अपनी जिंदगी को खत्म कर रहा हूं और रवि पर जो मेरे रुपए हैं वह मेरे मरने के बाद मेरे पिताजी को दिलवाएं जाएं। इन लोगों पर उचित कार्रवाई की जाए।” सुसाइड नोट में जसपाल ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से अपील करते हुए लिखा, “अतः मैं ज्योतिरादित्य सिंधिया जो ग्वालियर के राजा हैं उन तक ये खत जरूर पहुंचाना, क्योंकि मैं उनकी प्रजा हूं और सिंधिया जी से अपील करता हूं मैं तो मौत को गले लगा रहा हूँ। मेरे पिता को मेरा पैसा दिलाया जाए। मैं जीना चाहता था लेकिन मेरी जिंदगी रविकुमार ने बर्बाद कर दी। ये रुपये मैंने इसे अपनी बुलेट, सोना और सफारी तथा आई-20 कार गिरवी रख 20% के ब्याज पर कर्ज लेकर दिए थे। इसकी वजह से सब डूब गए। ग्वालियर के राजा हैं ज्योतिरादित्य सिंधिया जी मेरी मौत का ये पत्र सिंधिया जी तक जरूर जाये। रवि कुमार को आजीवन कारावास हो जिस वजह से कोई और परिवार अपना बच्चा न खोये। मेरी जिंदगी खत्म। MY LIFE THE END।

