बुलंद सोच, ग्वालियर।

ग्वालियर में दो-तीन दिनों की वर्षा ने शहर की सड़कों की स्थिति बिगाड़ दी है। नगर निगम ने सड़कों का निर्माण समय पर नहीं कराया और न ही पैच रिपेयरिंग को मजबूत करना आवश्यक समझा। परिणामस्वरूप, ग्वालियर की जनता को अब गड्ढों भरी सड़कों पर यात्रा करनी पड़ रही है, जिस पर अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया है। ट्रांसपोर्ट नगर से लेकर शहरी क्षेत्र के मार्गों पर सड़कों की स्थिति इतनी खराब है कि यह विश्वास करना मुश्किल है कि यह ग्वालियर स्मार्ट सिटी है।
ट्रांसपोर्ट नगर की स्थिति
करोड़ों रुपये की लागत से सड़क बनने के बावजूद ट्रांसपोर्ट नगर में स्थिति ठीक नहीं है। यहां के व्यापारी और ट्रांसपोर्टर भी सड़कों की खराब हालत से परेशान हैं। ठेकेदार ने दावा किया है कि 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। एक दिन पहले झांसी रोड के धंसने के बाद भी अधिकारियों ने कोई सबक नहीं लिया और शहर की सड़कों पर प्रभावी पैच रिपेयरिंग नहीं कराई। वर्षा के कारण ट्रांसपोर्ट नगर में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे अंदर के लिंक मार्गों पर ट्रकों की आवाजाही प्रभावित हुई है। करोड़ों की लागत से निर्मित नई सड़क भी समस्या का कारण बनी हुई है, क्योंकि सड़क के किनारे उचित इंतजाम नहीं किए गए हैं। कारोबारियों ने सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं और बताया है कि कहीं-कहीं गिट्टी भी निकल रही है। हालांकि, ठेकेदार राबिन सक्सेना के अनुसार, लगभग काम पूरा हो गया है और उन्होंने गिट्टी निकलने की बात से इनकार किया है। इस मामले को लेकर कारोबारियों में आक्रोश है।
अन्य प्रभावित क्षेत्र
शिंदे की छावनी पर सड़क की हालत इतनी खराब है कि यह शहर की मुख्य सड़कों में शामिल होने लायक नहीं लगती। कोणार्क अस्पताल से पहले और आगे तक सड़क गायब होकर गहरे गड्ढों में बदल गई है, जिससे वाहनों के गिरने का डर बना रहता है। कैलाश विहार सिटी सेंटर में एसपी ऑफिस के पीछे वाला मार्ग भी गड्ढों के कारण इतना क्षतिग्रस्त हो गया है कि लोग रास्ता बदलकर निकल रहे हैं। वीरेंद्र विलास के सामने वाली रोड से लेकर बैंक ऑफ इंडिया तक की हालत भी खराब है।

