बुलंद सोच, ग्वालियर।
ग्वालियर नगर निगम के कार्यपालन यंत्री सुशील कटारे को सेवानिवृत्ति से ठीक एक दिन पहले लोकायुक्त ने 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा।
यह मामला गुरुवार को सामने आया, जब कटारे को एक दिन बाद सेवानिवृत्ति पर लगभग 60 लाख रुपये का भुगतान मिलना था। उनका मासिक वेतन लगभग डेढ़ लाख रुपये है।
उन्हें पकड़वाने वाले सचिन पचौरी निकले, जो कटारे के साथ काम कर चुके इंजीनियर प्रेम पचौरी के ठेकेदार बेटे हैं।
कटारे ने सचिन पचौरी की 36 लाख रुपये के भुगतान की फाइल पास करने के एवज में एक प्रतिशत कमीशन की मांग की थी।
बुधवार को वह 30 हजार रुपये पहले ही ले चुके थे।
बताया जाता है कि एक मंत्री के खास होने के चलते कटारे का दबदबा रहता था, जिसके कारण अन्य अधिकारियों से उनकी रंजिश भी थी।
लोकायुक्त ग्वालियर के एसपी निरंजन शर्मा ने बताया कि जनकार्य विभाग में कार्य के भुगतान के रूप में कमीशन मांगने की शिकायत मिली थी।
शिकायत के बाद योजनाबद्ध तरीके से टीम पहुंची और कटारे को 6 हजार रुपये की घूस लेते हुए धर दबोचा।
शर्मा ने कहा कि कार्रवाई के दौरान यह बात सामने आई कि वह रिटायरमेंट के अंतिम दिन भी रिश्वत ले रहे थे, जो बताता है कि भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं।

