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2026-08-04

ऑनलाइन ट्रेडिंग से ग्वालियर के ऑटोमोबाइल कारोबारी से 1.63 करोड़ रुपये की ठगी

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, ग्वालियर।

ग्वालियर के बहोड़ापुर इलाके में रहने वाले ऑटोमोबाइल कारोबारी मनीष जैन को शेयर बाजार में कम समय में भारी मुनाफे का लालच देकर 1 करोड़ 63 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी की गई है।

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ठगों ने सबसे पहले कारोबारी से संपर्क कर शेयर मार्केट में सुरक्षित और कई गुना रिटर्न देने का दावा किया। जालसाजों ने व्यवसायी का विश्वास जीतने के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के नाम का उपयोग किया।

इसके बाद, ठगों ने मनीष जैन से एक्सिस बैंक से मिलता-जुलता एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप मोबाइल में डाउनलोड करवाया। इस ऑनलाइन ऐप में कारोबारी को मुनाफा बढ़ता हुआ दिख रहा था, लेकिन असल में यह सब फर्जीवाड़ा था।

मनीष जैन ने बताया कि वह ऑटोमोबाइल का कारोबार करते हैं। उन्हें 22 अप्रैल को ‘एक्सिस-डीएमए’ नाम के ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म को डाउनलोड करने की लिंक मिली।

इसके बाद, उन्हें व्हाट्सएप के ‘जी-2 प्राइम सर्किल’ और ‘एम-26-एक्सिस वीआईपी सर्किल’ नामक ग्रुपों में जोड़ा गया। ग्रुप में प्रनव हरिदाशन नामक व्यक्ति, जिसने खुद को एक्सिस बैंक का सीईओ बताया, और उसकी असिस्टेंट अनन्या मेहरा नामक महिला ने उनसे संपर्क किया।

इन लोगों ने विश्वास दिलाने के लिए एक्सिस बैंक और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के फर्जी लोगो और अनुमोदन पत्र दिखाए।

ठगों के बुने जाल में फंसकर मनीष जैन ने 22 अप्रैल से 20 जुलाई के बीच अपने डबरा स्थित एक्सिस बैंक खाते से ठगों द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में कुल 1 करोड़ 86 लाख 44 हजार 900 रुपये जमा कराए।

शुरुआत में, ठगों ने विश्वास जीतने के लिए कुछ लाभ राशि वापस भी की। हालांकि, जब पीड़ित ने अपनी पूरी मूल रकम और अर्जित मुनाफा वापस निकालना चाहा, तो जालसाजों ने कैपिटल गेन टैक्स, इनकम टैक्स, चार्ज और फंड ट्रांसफर टैक्स के नाम पर और पैसों की मांग शुरू कर दी।

जब पीड़ित ने अतिरिक्त पैसे देने से इनकार किया, तो उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप से बाहर निकाल दिया गया और ठगों ने फोन उठाना बंद कर दिया।

अपने साथ 1 करोड़ 63 लाख रुपये की धोखाधड़ी का अहसास होने पर पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन और क्राइम ब्रांच में लिखित शिकायत दर्ज कराई। कारोबारी की शिकायत पर क्राइम ब्रांच थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।

अब साइबर क्राइम विंग की टीम इन खातों को फ्रीज़ कराने की कार्रवाई कर रही है।