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2026-08-14

ग्वालियर में साढ़े तीन करोड़ रुपये के पैच रिपेयरिंग का एक साल तक टिकने का दावा विफल

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, ग्वालियर।

शहर में नई तकनीक से की गई पैच रिपेयरिंग के एक साल तक टिकने का दावा विफल साबित हो रहा है। गड्ढों को भरने के लिए नगर निगम ने जिपसेट एसफाल्ट मटेरियल को रामबाण बताया था, लेकिन यह मटेरियल एक साल भी सड़कों पर अपनी पकड़ नहीं रख पाया। टेंडर की शर्तों के मुताबिक जिन स्थानों से पैच रिपेयरिंग उखड़ती है, वहां कंपनी को दोबारा गड्ढे भरने का काम करना था। निगम के इंजीनियरों की मेहरबानी से साढ़े तीन करोड़ रुपये का भुगतान होने के बाद भी उखड़ी हुई पैच रिपेयरिंग को दोबारा सही करने का काम नहीं किया जा रहा है।

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कार्य की शुरुआत और शर्तें

नगर निगम द्वारा 21 नवंबर 2025 से नई तकनीक से पैच रिपेयरिंग की शुरुआत कराई गई थी। नागपुर की ग्राम इंफ्राटेक कंपनी को यह काम सौंपा गया था। टेंडर की शर्तों के मुताबिक गड्ढों के आसपास की सड़क को 30 मिमी गहराई में काटकर उससे धूल-मिट्टी हटानी थी। इसके बाद 20 मिमी मोटाई की पहली परत, फिर छह मिमी मोटाई की दूसरी परत बिछाकर उस पर रोलिंग की जाती है। यदि एक साल से पहले पैच खुद-ब-खुद खराब होता है, तो कंपनी को नि:शुल्क इसे दोबारा ठीक करके देना था। इस कार्य की दर 1692 रुपये प्रति वर्गमीटर है। इतना भुगतान होने के बावजूद शहर में पैच रिपेयरिंग टिक नहीं पा रही है। कई स्थानों पर नई तकनीक से भरे गड्ढे उधड़ गए हैं। गड्ढों में भरा गया जिपसेट एसफाल्ट मटेरियल भी सड़कों पर बिखरा हुआ नजर आ रहा है।

प्रमुख प्रभावित क्षेत्र

नगर निगम द्वारा कंपनी के माध्यम से सरस्वती नगर, बाल भवन रोड, गुढ़ा-गुढ़ी का नाका रोड सहित 40 से अधिक सड़कों पर पैच रिपेयरिंग कराई गई थी, लेकिन ज्यादातर स्थानों पर पैच रिपेयरिंग उखड़ गई है। बाल भवन रोड पर गड्ढे हो गए हैं। सरस्वती नगर में भी ऐसी ही स्थिति है। हालांकि, शुरुआत में जो पैच रिपेयरिंग कराई गई थी, वह अब भी कुछ स्थानों पर टिकी हुई है। पिछले दिनों मोतीमहल द्वार के ठीक नीचे इसी नई तकनीक से सड़क के बड़े गड्ढे को भरवाया गया था, लेकिन वहां भी यह पैच रिपेयरिंग नहीं टिक सकी। अब यहां फिर से गड्ढा हो गया है, जिसके चलते वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

वर्तमान में गड्ढे भरने का कार्य

शहर में इस समय गड्ढे भरने का काम भी धीमी गति से चल रहा है। वर्तमान में बारिश के सीजन के चलते निगम के हॉट मिक्स प्लांट बंद पड़े हुए हैं। ऐसे में मुरम, गिट्टी और निर्माण एवं विध्वंस सामग्री (सीएंडडी वेस्ट) डालकर गड्ढे भरने का काम किया जा रहा है। हालांकि, सीएंडडी वेस्ट मटेरियल सड़क के गड्ढों में टिक नहीं पा रहा है और कुछ ही दिन में वहां फिर से गड्ढे नजर आने लगते हैं।

नोडल अधिकारी का बयान

पैच रिपेयरिंग के नोडल अधिकारी अमित गुप्ता ने बताया कि जिन गड्ढों में नमी रह गई, वहीं से पैच रिपेयरिंग में दिक्कत आई है। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थान चिह्नित कर लिए गए हैं और ठेकेदार को दोबारा पैच रिपेयरिंग कराने के लिए बोला गया है। ठेकेदार ही इन गड्ढों को दोबारा भरेगा।