बुलंद सोच, ग्वालियर।
ग्वालियर-चंबल अंचल अब देश के सबसे बड़े हाईटेक इंडस्ट्रियल मैप पर अपनी मजबूत पहचान बनाने जा रहा है। प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना के तहत ग्वालियर स्थित साडा क्षेत्र के ग्राम कुलैथ और सौजना में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना की जा रही है। इस जोन के विकास पर सरकार ₹1000 से ₹1500 करोड़ का निवेश करेगी और यहां आने वाली कंपनियों से ₹12000 करोड़ का निवेश कराने की योजना बना रही है। इस टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में अत्याधुनिक प्लग एंड प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ 5जी व 6जी टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर चिप्स, स्मार्टफोन्स और ऑप्टिकल फाइबर उपकरणों के निर्माण व रिसर्च के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का इकोसिस्टम तैयार होगा। एरिक्सन, डिक्सन और आईबीएम जैसी वैश्विक दिग्गज कंपनियों की दिलचस्पी और प्रस्तावित आगरा-ग्वालियर ग्रीन कॉरिडोर एक्सप्रेसवे की शानदार कनेक्टिविटी इस प्रोजेक्ट को रफ्तार दे सकती है। काउंटर मैग्नेट सिटी की लगभग 100 एकड़ भूमि को उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग को हस्तांतरित कर इसका रास्ता साफ कर दिया गया है। जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। यह जोन देश में तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर, आंध्र प्रदेश के तिरुपति, उत्तर प्रदेश के नोएडा, कर्नाटक के बेंगलुरु के बाद पांचवां और प्रदेश का पहला होगा।
सरकारी और निजी निवेश
प्रदेश सरकार द्वारा साडा क्षेत्र में जमीन हस्तांतरण के साथ-साथ इस जोन के मूलभूत ढांचे जैसे एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, बिजली, पानी, ड्रेनेज, प्लग एंड प्ले शेड और हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी को विकसित करने के लिए ₹1000 करोड़ से ₹1500 करोड़ तक का प्रारंभिक सरकारी निवेश किया जा रहा है। इस जोन में लगने वाली वैश्विक व राष्ट्रीय कंपनियों के माध्यम से ग्वालियर में ₹12000 करोड़ तक के पूंजी निवेश की योजना प्रस्तावित की गई है।
रणनीतिक लाभ और रोजगार
साडा क्षेत्र के पास प्रस्तावित आगरा-ग्वालियर ग्रीन कॉरिडोर एक्सप्रेसवे से आगरा और ग्वालियर की दूरी महज 50 मिनट रह जाएगी। इससे निर्मित उत्पादों को बंदरगाहों व दिल्ली-एनसीआर जैसे बड़े बाजारों तक पहुंचाना आसान व सस्ता होगा। इसके विकसित होने पर रिसर्च एंड डेवलपमेंट लैब्स, चिप मैन्युफैक्चरिंग, मोबाइल असेंबलिंग यूनिट्स और सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर डिजाइनिंग में तीन हजार से अधिक आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स व इंजीनियरिंग स्नातकों और कुशल तकनीशियनों को सीधे रोजगार मिलेगा। साथ ही लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्टेशन, पैकेजिंग, कैटरिंग, सिक्योरिटी, मेंटेनेंस और स्थानीय वेंडर्स के दो हजार से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
वर्तमान स्थिति
एमपीआइडीसी ग्वालियर की कार्यकारी निदेशक अनिषा श्रीवास्तव ने बताया कि अभी साडा की जमीन की हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि इस टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन को अंतरराष्ट्रीय स्तर का हाईटेक प्लग एंड प्ले मॉडल पर विकसित करने की सरकार की योजना है, जिससे कंपनियां यहां आकर सीधे मशीन लगाकर उत्पादन शुरू कर सकें।
