बुलंद सोच, इंदौर।
नीट पेपर लीक के विरोध में दिल्ली में धरने पर बैठे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी का इंदौर में विरोध हुआ। इंदौर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजबाड़ा पर विरोध प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि केंद्र सरकार ने छात्रों की आवाज बुलंद करने और उनके अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करने के दौरान राहुल गांधी को हिरासत में लिया। इसके विरोध में शहर कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। चौकसे ने यह भी कहा कि लोकतंत्र की आवाज को दबाने के हर प्रयास का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा।
कांग्रेस की मांगें और आरोप
विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि सरकार छात्रों पर हुए लाठीचार्ज जैसे गंभीर विषय पर भी चर्चा से बच रही है। धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी नारे लगाए गए। चिंटू चौकसे ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार ने भी इस विषय पर विधानसभा में चर्चा से इनकार कर दिया है। सरकार ने इसे राज्य का विषय नहीं बताया, जबकि देशभर के लाखों छात्रों का भविष्य पेपर लीक से जुड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के मुद्दों से भाग रही है और उनकी आवाज दबाई जा रही है। कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा और महिलाएं भी शामिल हुईं। कई लोग पोस्टर बनाकर लाए थे जिन पर ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ लिखा था। प्रशासन ने विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया और यातायात व्यवस्था को भी संभाला।
शिक्षा और रोजगार पर चिंताएं
इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि कांग्रेस केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की भाजपा सरकार की छात्र और युवा विरोधी नीतियों, लगातार हो रहे पेपर लीक, बढ़ती बेरोजगारी और बदहाल शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ अपना लोकतांत्रिक विरोध दर्ज करा रही है। उन्होंने इसे देश के युवाओं के सम्मान, शिक्षा और भविष्य को बचाने का आंदोलन बताया। चौकसे ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने युवाओं के सपनों के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के 90 से अधिक पेपर लीक होने की घटनाओं ने करोड़ों युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेल दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से युवाओं के सवालों का जवाब देने की मांग की। चिंटू चौकसे ने यह भी कहा कि सरकारी स्कूलों की हालत लगातार बदतर होती जा रही है, हजारों शिक्षक पद रिक्त पड़े हैं, उच्च शिक्षा महंगी होती जा रही है और योग्य युवाओं को रोजगार के बजाय निराशा मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार युवाओं को रोजगार नहीं बल्कि केवल भाषण और प्रचार दे रही है। कांग्रेस मांग करती है कि कक्षा केजी से पीजी तक गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क शिक्षा सुनिश्चित की जाए, सभी प्रतियोगी परीक्षाओं एवं सरकारी भर्तियों का वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी किया जाए, समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया लागू हो, रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्तियां हों और शिक्षा व्यवस्था को राजनीतिक हस्तक्षेप एवं भ्रष्टाचार से मुक्त किया जाए। चौकसे ने कहा कि मोदी सरकार में शिक्षा पर हमला, रोजगार पर ताला और भविष्य पर सवाल ही भाजपा सरकार की पहचान बन चुकी है।
छात्रों की आत्महत्या और आगे का संघर्ष
चिंटू चौकसे ने कहा कि नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए पेपर लीक की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल इस्तीफा दें। उन्होंने पेपर लीक माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की। चौकसे ने यह भी कहा कि देश का युवा अब चुप नहीं रहेगा, बल्कि अपने अधिकार, सम्मान और भविष्य के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष करेगा। इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने बताया कि नीट पेपर लीक एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की अव्यवस्था से उपजे मानसिक तनाव के कारण 21 विद्यार्थियों ने आत्महत्या जैसा दुखद कदम उठाया। कांग्रेस उन सभी छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित करती है और अब संविधान संवाद, छात्र जागृति अभियान और जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को समान अवसर, सामाजिक न्याय और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार देता है, लेकिन जब प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक होते हैं, भर्ती प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार होता है और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जाता है, तब संविधान की मूल भावना पर सीधा आघात होता है। कांग्रेस पार्टी युवाओं की शिक्षा, रोजगार और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की लड़ाई निरंतर लड़ती रहेगी।
