बुलंद सोच, इंदौर।
देशभर में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से इंदौर में 7 अगस्त से दो दिवसीय उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया जाएगा। इस बैठक में मध्यप्रदेश के साथ-साथ राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, गोवा और विभिन्न केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) शामिल होंगे। सम्मेलन में अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क पर लगाम कसने और संयुक्त कार्रवाई की रणनीति तैयार की जाएगी।
बैठक का महत्व और मेजबानी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा देश को नशा मुक्त बनाने के दिए गए निर्देशों के बाद यह बैठक विशेष महत्व रखती है। सम्मेलन की मेजबानी मध्यप्रदेश पुलिस करेगी, जिसमें प्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाणा भी मौजूद रहेंगे।
चर्चा के मुख्य बिंदु
बैठक में ड्रग्स की तस्करी के बदलते तौर-तरीकों, राज्यों के बीच बेहतर समन्वय, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान, सिंथेटिक ड्रग्स के बढ़ते नेटवर्क, सीमावर्ती क्षेत्रों की निगरानी और बड़े तस्करों के खिलाफ संयुक्त अभियान जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके अतिरिक्त, एनडीपीएस एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन और ड्रग्स तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने के उपायों पर भी मंथन किया जाएगा।
इंदौर का महत्व और अपेक्षित परिणाम
इंदौर में होने वाला यह सम्मेलन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि मध्य भारत को जोड़ने वाले कई प्रमुख मार्ग प्रदेश से होकर गुजरते हैं। ऐसे में अंतरराज्यीय ड्रग्स सिंडिकेट पर प्रभावी कार्रवाई के लिए साझा रणनीति तैयार करना इस बैठक का प्रमुख उद्देश्य रहेगा। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस सम्मेलन के बाद राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा, जिससे ड्रग्स तस्करी के संगठित नेटवर्क के खिलाफ बड़े स्तर पर संयुक्त कार्रवाई का रास्ता साफ होगा।
अन्य संबंधित घटनाक्रम
मध्यप्रदेश पुलिस ने ड्रग्स माफिया पर शिकंजा कसने के लिए तीन साल का रोडमैप तैयार किया है। इसके साथ ही, ₹25 हजार से अधिक की साइबर ठगी पर 72 घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य किया गया है।

