बुलंद सोच, इंदौर।
इंदौर में नगर निगम की एक कचरा संग्रहण गाड़ी में मानवीयता और सूझबूझ का एक उदाहरण सामने आया। गाड़ी के चालक संजय हीरवे की अचानक दिल का दौरा पड़ने से तबीयत बिगड़ गई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, साथ मौजूद कर्मचारी आरिश भुवेल ने बिना समय गंवाए उन्हें कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) देना शुरू कर दिया।
आरिश भुवेल के अनुसार, यह घटना गोपुर चौराहा के समीप हुई थी। हरीश ड्यूटी पर था और गाड़ी चलाते हुए अचानक बेसुध हो गया। उन्हें पहले एक क्लिनिक पर ले जाया गया, जहां दिल का दौरा पड़ने की जानकारी दी गई।
इसके बाद, नगर निगम की गाड़ी सीधे अस्पताल की ओर रवाना हुई और आरिश पूरे रास्ते संजय का सीना दबाकर लगातार सीपीआर देते रहे।
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि समय रहते सीपीआर नहीं दिया जाता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
डॉक्टरों का भी मानना है कि दिल के दौरे के दौरान शुरुआती मिनटों में दिया गया सही सीपीआर मरीज की जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। आरिश की इस हिम्मत और सूझबूझ की अब हर कोई सराहना कर रहा है।
संजय हीरवे को शनिवार को अस्पताल से छुट्टी मिल गई।

