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2026-08-01

प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम में बुजुर्गों की पिटाई: एमपी हाई कोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, इंदौर।

मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम में बुजुर्गों की पिटाई के मामले में स्वत: संज्ञान लिया है।
न्यायालय ने जिला प्रशासन से मामले की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
इधर, जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और संभवतः सोमवार, 3 अगस्त को रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत की जाएगी।

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घटना का विवरण

महाराणा प्रताप नगर में निगम द्वारा आंगनवाड़ी के लिए बनाए गए कमरों में पिछले चार वर्षों से प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम संचालित हो रहा था।
तीन दिन पहले आश्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें एक नाबालिग आश्रम में रह रहे बुजुर्गों की पिटाई करता दिखाई दे रहा है।
मामले से संबंधित समाचार विभिन्न समाचार पत्रों में भी प्रकाशित हुए।
वीडियो और समाचारों का संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने स्वत: संज्ञान लिया और जिला प्रशासन से स्टेटस रिपोर्ट तलब की।

प्रशासन की कार्रवाई और जांच

घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन ने प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम को सील कर दिया।
आश्रम में रह रहे 31 बुजुर्गों को गणेश आश्रम, निराश्रित सेवाश्रम और आशा निलय वृद्धाश्रम भेजा गया।
तीन बुजुर्गों को उपचार के लिए एमवाय अस्पताल रेफर किया गया।
प्रशासन की प्राथमिक जांच में प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम का संचालन अवैध रूप से पाया गया।
वृद्धाश्रम के संचालन के लिए सामाजिक न्याय विभाग से किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी।
प्रशासन की जांच में यह भी सामने आया कि बुजुर्गों की पिटाई करने वाला नाबालिग करीब पांच माह पहले अपनी मां के साथ वृद्धाश्रम में रहने आया था।
उसकी मां ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित थी और मां की मृत्यु के बाद वह आश्रम में ही रह रहा था।