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2026-07-31

किसान आंदोलन: समाधान के लिए चार मंत्रियों को कमान सौंपी

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

राज्य सरकार ने भोपाल में डेरा जमाकर बैठे किसानों से बात कर उनकी मांगों का समाधान निकालने की जिम्मेदारी चार मंत्रियों को सौंपी है।
इन मंत्रियों में कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग और ओबीसी कल्याण मंत्री कृष्णा गौर शामिल हैं।
ये मंत्री किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे।
किसान ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी का कोटा बढ़ाने, खाद की ई-टोकन व्यवस्था को समाप्त करने और दस घंटे निर्बाध बिजली की आपूर्ति जैसी मांगों को लेकर भोपाल में डेरा डाले हुए हैं।
बाघ दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मंगलवार को कृषि मंत्री को भेजा गया था।
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि आज भी मंत्रियों और अधिकारियों का दल किसानों से संवाद करेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार सदैव किसानों के सकारात्मक सुझावों के साथ खड़ी है, लेकिन जनता को कष्ट न हो, इसकी भी चिंता करना चाहिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अनुसार, समस्या का समाधान संवाद से निकलता है।
उन्होंने यह भी कहा कि जब जनता की बेहतरी की बात की जा रही है, तो सब मिलकर किसानों की बेहतरी की बात भी करेंगे।

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कांग्रेस के आरोप और सरकार का पलटवार

उधर, किसान आंदोलन को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कृषि मंत्री को संबोधित करते हुए एक्स पर पोस्ट किया कि किसानों की सुनवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज को राजनीति कहना सबसे आसान बहाना है, लेकिन उनकी पीड़ा सुनना सरकार की बुनियादी जिम्मेदारी है।
जीतू पटवारी ने भाजपा से सोचने और समझने को कहा कि यदि सबकुछ ठीक है, तो हजारों किसान परिवार सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर भोपाल क्यों पहुंचे।
उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि किसान भड़काए गए हैं या सरकार ने उनकी हर गुहार को अनसुना कर दिया है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि किसान शांतिपूर्वक अपनी बात कह रहे हैं, किंतु अहंकार में डूबी सरकार सुनवाई नहीं कर रही है।
जीतू पटवारी ने जोर दिया कि लोकतंत्र में पदयात्रा अपराध नहीं, अधिकार है।
उन्होंने कहा कि किसानों को बदनाम करने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान होना चाहिए, क्योंकि सरकार अहंकार से नहीं, संवाद से चलती है।
जीतू पटवारी ने सरकार से अनुरोध किया कि किसानों को विरोधी नहीं, अन्नदाता समझा जाए और उनकी मांगें पूरी की जाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी है और उनकी हर मांग का समर्थन भी करती है।
जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि 5 हजार किसान भोपाल में डेरा डाले हुए हैं, और उन्होंने सरकार को मूंग खरीद, एमएसपी और खाद संकट पर घेरा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के आरोप पर कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस किसानों की आड़ में राजनीति न करे।
कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि कांग्रेस किसानों को भड़काकर भोपाल शहर को अस्त-व्यस्त करने का प्रयत्न कर रही है, लेकिन वह इसमें सफल नहीं होगी।
उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार का दरवाजा किसानों के हित के लिए सदैव खुला है और कांग्रेस को किसानों के साथ छल नहीं करने दिया जाएगा।
एदल सिंह कंषाना ने कहा कि समस्या का समाधान संवाद से होता है, विवाद से नहीं।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार इस वर्ष को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है और किसानों की आय बढ़ाने के कार्य प्रत्येक क्षेत्र में हो रहे हैं।
कृषि मंत्री ने कांग्रेस से अनुरोध किया कि भोपाल शहर को इस प्रकार कांग्रेस कार्यकर्ताओं के माध्यम से किसानों की आड़ में अस्त-व्यस्त न करें, क्योंकि इसका जवाब भोपाल शहर की जनता उन्हीं से मांगेगी।