बुलंद सोच, उज्जैन।

ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में बुधवार से श्रावण-भाद्रपद महापर्व का शुभारंभ होगा। परंपरा अनुसार रात तीन बजे मंदिर के पट खुलेंगे। इसके पश्चात भगवान महाकाल का पंचामृत अभिषेक, पूजन उपरांत श्रावण मास की पहली भस्म आरती संपन्न होगी। इसके साथ ही अगले 40 दिनों तक चलने वाले महापर्व के लिए विशेष दर्शन, पूजन और जलाभिषेक की शुरुआत भी हो जाएगी।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएँ
30 जुलाई से सात सितंबर तक चलने वाले इस धर्मोत्सव में प्रतिदिन दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए मंदिर प्रशासन ने कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। इस दौरान श्रद्धालुओं को प्रतिदिन करीब 19 घंटे भगवान महाकाल के दर्शन होंगे। प्रत्येक रविवार को मंदिर के पट रात 2.30 बजे तथा शेष दिनों में रात तीन बजे खोले जाएंगे।
प्रवेश द्वारों की जानकारी
सामान्य निःशुल्क दर्शन के लिए श्रीमहाकाल महालोक का नंदी द्वार निर्धारित किया गया है। 250 रुपये के शीघ्र दर्शन के लिए अवंतिका द्वार गेट नं. एक तथा हरसिद्धि चौराहा से प्रवेश मिलेगा। प्रोटोकॉल के तहत वीआईपी दर्शन के लिए बेगमबाग के रास्ते नीलकंठ द्वार से प्रवेश दिया जाएगा। कांवड़ यात्री अवंतिका द्वार गेट नं. एक तथा हरसिद्धि चौराहा से प्रवेश कर सकेंगे।
पाँच आरती में चलायमान दर्शन
श्रावण मास में महाकाल मंदिर में प्रतिदिन होने वाली पाँच आरती में चलायमान दर्शन की व्यवस्था रहेगी। इन पाँच आरती में भस्म आरती, बालभोग आरती, भोग आरती, संध्या आरती तथा शयन आरती शामिल हैं।
महाकाल की सवारियाँ
श्रावण मास की पहली सवारी 3 अगस्त को निकलेगी। श्रावण की दूसरी सवारी 10 अगस्त को, तीसरी सवारी 17 अगस्त को और चौथी सवारी 24 अगस्त को होगी। भाद्रपद की पहली सवारी 31 अगस्त को निकलेगी। श्रावण-भाद्रपद मास की राजसी सवारी 07 सितंबर को होगी।
पार्किंग व्यवस्था
श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग की व्यवस्था श्रीमहाकालेश्वर अन्नक्षेत्र के पास मेघदूत वन पार्किंग, नीलकंठ पार्किंग, चारधाम पार्किंग, कर्कराज पार्किंग तथा कार्तिक मेला ग्राउंड पार्किंग में की गई है।

