बुलंद सोच, उज्जैन।
विश्वप्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावण मास का पहला वीकेंड शनिवार से शुरू हो रहा है, जिसमें शनिवार, रविवार और सोमवार शामिल हैं। इस दौरान लगातार तीन दिन देशभर से हजारों श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है।
मंदिर समिति ने सामान्य श्रद्धालुओं, शीघ्र दर्शन टिकटधारियों और कावड़ यात्रियों के लिए अलग-अलग प्रवेश एवं दर्शन की व्यवस्था लागू की है। भीड़ बढ़ने पर नंदी हॉल व परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
सामान्य दर्शनार्थियों के लिए व्यवस्था
सामान्य दर्शनार्थियों को श्री महाकाल महालोक स्थित नंदी द्वार से प्रवेश दिया जाएगा। श्रद्धालु मानसरोवर फैसिलिटी सेंटर और महाकाल टनल से होते हुए गणेश मंडपम तक पहुंचेंगे।
निर्धारित व्यवस्था के अनुसार, श्रद्धालु करीब 50 फीट की दूरी से भगवान महाकाल के दर्शन कर सकेंगे।
शीघ्र दर्शन टिकटधारी और कावड़ यात्रियों के लिए व्यवस्था
शीघ्र दर्शन टिकटधारी और कावड़ यात्री नंदी हॉल के पीछे प्रथम बैरिकेड से दर्शन करेंगे।
मंदिर समिति ने शीघ्र दर्शन टिकटधारी श्रद्धालुओं तथा कावड़ यात्रियों के लिए मंदिर में प्रवेश हेतु हरसिद्धि चौराहा और अवंतिका द्वार (गेट नंबर-1) से अलग व्यवस्था की है।
कावड़ यात्री और शीघ्र दर्शन टिकटधारी श्रद्धालु सभा मंडप में लगाए गए विशेष जल पात्रों से भगवान महाकाल का जलाभिषेक भी कर सकेंगे।
प्रोटोकॉल और नंदी मंडपम व्यवस्था
मंदिर समिति ने श्रावण भाद्रपद मास में भीड़ की स्थिति के आधार पर नंदी मंडपम व मंदिर परिसर में प्रवेश की व्यवस्था लागू की है।
शुक्रवार को भीड़ अधिक होने पर कुछ विशेष विभाग व राजनीतिक दल को छोड़कर शेष प्रोटोकॉल बंद कर दिए गए।
प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि भीड़ की स्थिति के आधार पर प्रोटोकॉल व नंदीहॉल में प्रवेश लागू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आम श्रद्धालुओं का नंदी मंडपम से कोई लेना-देना नहीं है, और आम भक्तों की दर्शन व्यवस्था निर्बाध जारी रहेगी।
श्रावण की पहली सवारी
श्रावण मास की पहली सवारी 3 अगस्त को है।

