बुलंद सोच, बंगलूरू।
महाराष्ट्र के 20 वर्षीय एक उभरते हुए क्रिकेटर साइबर अपराधियों के हनीट्रैप जाल का शिकार हो गए हैं। यह खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा आयोजित एक राष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए बंगलूरू गए हुए थे। उत्तरी बंगलूरू के एक नामी पांच सितारा होटल में ठहरने के दौरान खिलाड़ी के साथ यह ठगी हुई।
डेटिंग ऐप से शुरू हुई बातचीत
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 17 जुलाई की रात की है। होटल में मौजूद खिलाड़ी को अपने डेटिंग ऐप प्रोफाइल पर ‘रशिका’ नाम की एक महिला का संदेश मिला था। थोड़ी देर तक ऐप पर बातचीत होने के बाद उस महिला ने खिलाड़ी को एक व्हाट्सएप नंबर दिया और उस पर बात करने को कहा।
आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्डिंग
व्हाट्सएप पर बातचीत आगे बढ़ी तो महिला ने वीडियो कॉल करने का सुझाव दिया। वीडियो कॉल शुरू होते ही महिला ने उकसाने वाला व्यवहार शुरू कर दिया और अपने कपड़े उतार दिए। उसकी बातों में आकर खिलाड़ी भी झांसे में आ गए। कुछ ही मिनटों में कॉल कट गई।
रंगदारी की मांग और शुरुआती भुगतान
जब खिलाड़ी ने दोबारा फोन किया तो महिला का असली चेहरा सामने आ गया। उसने साफ कहा कि उसने खिलाड़ी का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया है और अगर पैसे नहीं मिले तो इसे इंटरनेट पर डाल दिया जाएगा। शुरुआत में डर के कारण खिलाड़ी ने तुरंत 1500 रुपये उसके बताए खाते में भेज दिए। लेकिन इसके बाद भी ठग महिला की धमकियां बंद नहीं हुईं। अगली दोपहर तक वह लगातार और बड़ी रकम की मांग करती रही।
पुलिस में शिकायत दर्ज
खुद को बुरी तरह फंसता देख महाराष्ट्र के इस क्रिकेटर ने अपने साथियों से पूरी बात साझा की। दोस्तों की सलाह पर उन्हें समझ आया कि वे एक बड़े सेक्सटॉर्शन यानी वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाले गिरोह के चंगुल में फंस चुके हैं। इसके बाद मामले की जानकारी तुरंत पुलिस को दी गई। पुलिस ने आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत ब्लैकमेलिंग, जालसाजी और अश्लील वीडियो बनाने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपी महिला और गिरोह के अन्य सदस्य फरार हैं।
साइबर अपराधियों द्वारा एआई तकनीक का उपयोग
बंगलूरू क्राइम ब्रांच के डीसीपी राजा इमाम कासिम पी ने इस मामले पर जानकारी देते हुए मीडिया को बताया कि साइबर अपराधी अब एआई तकनीक से बने फर्जी वीडियो का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि लोगों को असली महिला से बात करने का भ्रम हो। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में लोगों को तुरंत मना कर देना चाहिए और बातचीत बंद कर देनी चाहिए। पुलिस अधिकारी ने यह भी सलाह दी कि अनजान नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल से बचें और अगर गलती से कॉल उठ भी जाए तो तुरंत अपने फोन का कैमरा पीछे की तरफ घुमा दें ताकि चेहरा रिकॉर्ड न हो पाए।
बीसीसीआई की चेतावनी
गौरतलब है कि खिलाड़ियों की सुरक्षा को देखते हुए बीसीसीआई ने हाल ही में खिलाड़ियों के लिए हनीट्रैप और ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए खास चेतावनी जारी की थी।

