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2026-08-10

मंदसौर में खरीफ 2025 फसल बीमा राशि को लेकर किसानों में असंतोष

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, मंदसौर।

मंदसौर जिले में खरीफ सीजन 2025 के फसल बीमा मुआवजे के रूप में मिली राशि से किसान नाराज हैं। जिलेभर के कई क्षेत्रों में फसल बीमा राशि को लेकर नाराजगी जताते हुए किसानों ने प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि अविवृष्टि और बीमारी ने फसलों को प्रभावित किया, बावजूद इसके उन्हें उचित फसल बीमा नहीं मिला। किसानों ने कलेक्टर से भी इस मामले में उम्मीद लगाई है, ताकि नुकसानी का उचित मुआवजा किसानों को मिल सके।

मंदसौर जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जारी क्लेम राशि को लेकर किसानों में असंतोष है। खरीफ सीजन 2025 की बीमा राशि जारी होने के बाद से ही किसानों ने नाराजगी व्यक्त की है। मल्हारगढ़, भानपुरा सहित अन्य कई क्षेत्रों में किसानों ने फसल बीमा राशि को लेकर प्रदर्शन किए। भानपुरा में किसानों ने चार दिनों तक चक्काजाम किया।

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प्रदर्शनों के दौरान किसानों ने आरोप लगाया कि एक ही गांव और एक जैसी फसल होने के बावजूद किसी को हजारों रुपए मिले तो किसी को नाममात्र की राशि ही प्राप्त हुई। फसल बीमा विसंगति को लेकर किसानों की शिकायतें तहसील दफ्तरों पर पहुंची हैं और सीएम हेल्पलाइन पर भी दर्ज कराई गई हैं।

आंकड़ों में बीमा राशि और किसानों का दावा

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, 1 लाख 38 हजार 379 किसानों को 22 करोड़ 66 लाख 97 हजार 92 रुपए की क्लेम राशि मिली है। किसानों के अनुसार, वर्ष 2025 में खरीफ सीजन की सोयाबीन फसल में शत-प्रतिशत नुकसान हुआ था।

कई किसानों ने अपने खेतों में रोटावेटर चलाकर खराब फसल को नष्ट किया। बावजूद इसके, उन्हें बीमा राशि पर्याप्त नहीं मिल रही है। किसानों का कहना है कि जब आरबीसी में हुई नुकसानी को मानकर सरकार ने पिछले वर्ष किसान संगठनों एवं किसानों की मांग पर मुआवजा वितरित किया था, लेकिन किसानों को फसल बीमा ‘ऊंट के मुंह में जीरे के समान’ वितरित की गई है।

किसानों का कहना है कि ऐसे कई गांव हैं जहां पर एक रुपया भी किसान को फसल बीमा की राशि नहीं आना सामने आ रहा है। उनका आरोप है कि हर साल प्रीमियम काटने के बाद भी बीमा क्लेम राशि नहीं दी जा रही है।

बैंक की तकनीकी त्रुटि और किसानों की शिकायत

फसल बीमा राशि कटने के बावजूद नुकसानी का भुगतान न होने पर भानपुरा तहसील क्षेत्र के ग्राम नीमथूर, नयागांव व धनकपुरा के किसान रामेश्वर अहीर, भगवानसिंह, श्यामलाल मीणा, भैरवलाल राठौर, बाबूलाल अहीर ने मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचकर शिकायत की।

किसानों के अनुसार, मंदसौर जिला कलेक्टर में दिए गए आवेदन पत्र में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा भानपुरा द्वारा फसल बीमा में बैंक पोर्टल की तकनीकी त्रुटि के कारण हुए आर्थिक नुकसान की क्षतिपूर्ति हेतु आवेदन दिया गया। किसानों ने बताया कि उनके मालिकाना हक की कृषि भूमि पर एसबीआई भानपुरा से केसीसी ऋण बैंक से करवाने पर फसल बीमा की राशि बैंक द्वारा काट ली गई थी।

जब खरीफ फसल 2025 में किसानों को नुकसानी हुई, इस पर बैंक ने किसानों को नुकसानी का भुगतान नहीं किया। उपरोक्त किसानों ने बताया कि उन्हें लगभग 7 लाख रुपए बीमा नुकसानी के मिलने थे। बैंक ने केसीसी खातों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का बीमा प्रीमियम काटने के बावजूद फसल नुकसानी का भुगतान नहीं करने पर संबंधित बैंक अधिकारी से लिखित में निवेदन किया गया।

किसानों के अनुसार, दिए गए आवेदनों की पहुंच/प्राप्ति देने से भी ब्रांच मैनेजर द्वारा मना कर दिया गया एवं लंबे समय से अनेक बार बैंक शाखा भानपुरा में संपर्क करने के बावजूद जब उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। यहां तक कि भारतीय स्टेट बैंक शाखा भानपुरा के शाखा प्रबंधक द्वारा शिकायत आवेदन लेने से साफ मना कर दिया गया।

संबंधित अधिकारी से पूछने पर अधिकारी ने अत्यंत गैर जिम्मेदाराना जवाब दिया कि ‘हमारी एजेंसी मुंबई है’। पीड़ित किसानों ने बताया कि ऐसे में क्या गरीब किसान शिकायत लेकर मुंबई जाएंगे। किसानों ने बताया कि लंबे समय से वे बैंक अधिकारी से संपर्क कर रहे हैं, परंतु संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एवं उन्हें बीमा राशि प्राप्त नहीं होने पर जनसुनवाई तक आवेदन देने का कदम उठाना पड़ा।