बुलंद सोच, भोपाल।
राजधानी भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) से संबद्ध हमीदिया अस्पताल सहित प्रदेशभर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों की ‘काम बंद’ हड़ताल फिलहाल समाप्त नहीं होगी। डॉक्टरों के संगठन ने स्पष्ट किया है कि यह हड़ताल अगले एक महीने तक जारी रह सकती है।
हालांकि, मरीजों की सुविधा के लिए आपातकालीन (इमरजेंसी) सेवाएं चालू रहेंगी, लेकिन ओपीडी (OPD) व्यवस्था पूरी तरह ठप रहेगी।
मंगलवार को ‘वॉइस ऑफ इंटर्न्स, मध्य प्रदेश’ के एक प्रतिनिधिमंडल ने चिकित्सा शिक्षा आयुक्त से मुलाकात की। इस दौरान इंटर्न्स ने अपना मासिक स्टाइपेंड ₹14,337 से बढ़ाकर ₹30,000 करने की मांग रखी।
बैठक में अधिकारियों ने स्टाइपेंड में लगभग 20 प्रतिशत वृद्धि का मौखिक प्रस्ताव दिया। हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया को औपचारिक रूप से लागू करने के लिए सरकार की ओर से एक महीने का समय मांगा गया है।
लिखित और समयबद्ध आदेश न मिलने के कारण इंटर्न डॉक्टर असंतुष्ट हैं और उन्होंने काम पर लौटने से इनकार कर दिया है। ‘वॉइस ऑफ इंटर्न्स’ के प्रतिनिधि डॉ. रितिक गुप्ता ने बताया कि प्रशासन ने स्टाइपेंड में 20% बढ़ोतरी का भरोसा दिया है, लेकिन अंतिम फैसला और कागजी प्रक्रिया पूरी होने में कम से कम एक माह का वक्त लगेगा। उन्होंने कहा कि जब तक शासन की ओर से लिखित और ठोस आदेश जारी नहीं हो जाता, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
प्रशासन की ओर से समय मांगने के फैसले से नाराज डॉक्टरों के अड़े रहने के कारण अब सरकारी अस्पतालों में आने वाले सामान्य मरीजों की परेशानी बढ़ने की पूरी आशंका है।

