बुलंद सोच, जबलपुर।
हाई कोर्ट में विधायक गोविंद सिंह राजपूत के वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में दाखिल नामांकन और चुनावी हलफनामे को लेकर जनहित याचिका दायर की गई है। इसमें चुनावी हलफनामे में करीब 100 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों का विवरण कथित रूप से छिपाने का आरोप लगाया गया है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया व न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने इस मामले को चार अगस्त को सुनवाई के लिए नियत किया है।
दरअसल, सागर जिले के रहली विधानसभा क्षेत्र निवासी राजकुमार सिंह ने अपनी जनहित याचिका में दावा किया है कि राजपूत, उनकी पत्नी सविता गोविंद और ज्ञानवीर सेवा समिति के नाम दर्ज कथित अचल संपत्तियों का पूरा विवरण चुनाव आयोग के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया है।
जनहित याचिकाकर्ता के अनुसार, इस संबंध में 21 मार्च, 2025 को चुनाव आयोग में शिकायत की गई थी, लेकिन अब तक कोई तर्कसंगत आदेश नहीं हुआ। कार्रवाई नहीं होने पर हाई कोर्ट की शरण ली गई है।
जनहित याचिकाकर्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत पक्ष रखेंगे। कोर्ट ने बहस के लिए चार अगस्त की तारीख तय की है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ सीबीआई कोर्ट की कार्यवाही पर हाई कोर्ट ने अंतरिम रोक लगाई है।

