बुलंद सोच, देवास।
जिले की नेमावर पुलिस ने ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के छह आरोपियों को झारखंड व बिहार से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह भोले-भाले ग्रामीणों और महिलाओं को निशाना बनाता था।
ठगी का तरीका और बरामद सामान
आरोपी कभी पुराने बर्तनों के बदले नए बर्तन देने का झांसा देते थे। वे सोने-चांदी के गहनों की यूनिक डिज़ाइन का लालच देकर या जेवरों को दोगुना करने का प्रलोभन देकर ठगी की वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से लगभग 3.50 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और पीतल के बर्तन बरामद किए हैं।
पुलिस जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी
नेमावर की कई महिलाओं ने पिछले दिनों शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी शिकायत में अज्ञात महिलाओं द्वारा सोने-चांदी के जेवर चमकाने और दोगुना करने का झांसा देकर ठगी करने का उल्लेख था। इन शिकायतों के बाद नेमावर थाना प्रभारी टीना शुक्ला के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज की मदद से संदेहियों की पहचान की गई। गिरोह के तीन महिला एवं तीन पुरुष सदस्यों को झारखंड एवं बिहार से हिरासत में लिया गया। कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
गिरोह का मूल और कार्यप्रणाली
यह गिरोह झारखंड के हजारीबाग और बिहार के जमुई व नवादा का रहने वाला है। यह गिरोह अलग-अलग राज्यों में घूम-घूमकर ठगी करता था।
गिरफ्तार किए गए आरोपी
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं: पुष्गर मल्हार, निवासी ग्राम कंवाल, जनपद खेरफा, जिला हजारीबाग, झारखंड; रूपा, निवासी खरीओ, पोस्ट चेचकपी, थाना बरकठ्ठा, खरियों, हजारीबाग, झारखंड; गब्बर मल्हार, निवासी चकाई तहसील, जमुई, बिहार; बिरजू मल्हार, निवासी हरदिया चित्तरकोली, थाना रजोली, जिला नवादा, बिहार; सोनू खटीक, निवासी ग्राम खरीओ, तहसील बरकठा, जिला हजारीबाग, झारखंड; और रानू देवी मल्हार, निवासी बैरम तहसील, टाटीझरिया, जिला हजारीबाग।

