बुलंद सोच, मुरैना।
मुरैना में लंबे समय बाद वाहनों की मजिस्ट्रेट चेकिंग की गई। लगभग चार घंटे चली इस कार्रवाई के दौरान नगर निगम के सभापति सहित कुल 24 वाहनों पर चालानी कार्रवाई करते हुए 80 हजार रुपये का राजस्व वसूला गया।
जिला न्यायालय के आधा दर्जन न्यायाधीशों ने पुराने बस स्टैंड और राधिका पैलेस चौराहा पर शाम पांच बजे से टेंट लगाकर वाहनों की जांच शुरू की। इस चेकिंग का नेतृत्व जिला न्यायालय के सीजेएम अजय सिंह ने किया।
कोतवाली, स्टेशन रोड और यातायात थाने के टीआई की अगुआई में 40 से 50 पुलिसकर्मी वाहनों को पकड़ने के लिए सड़कों पर तैनात थे। चेकिंग रात आठ बजे तक जारी रही।
इस दौरान बिना नंबर के चार पहिया वाहन, नंबर प्लेट से छेड़छाड़ वाले वाहन, हूटर वाले वाहन और अन्य दस्तावेज की कमियों वाले वाहन पकड़े गए। शीशों पर काली फिल्म चढ़े वाहनों को भी पकड़ा गया और न्यायाधीशों की उपस्थिति में काली फिल्म उतरवाई गई।
चेकिंग के दौरान नगर निगम के सभापति राधारमण डंडौतिया अपनी फॉर्च्यूनर गाड़ी से निकले, जिसे अवैध तरीके से हूटर लगे होने के कारण मजिस्ट्रेट चेकिंग में रोका गया। उनकी गाड़ी के शीशों पर भी काली फिल्म चढ़ी हुई थी।
सभापति की गाड़ी को वहीं खड़ा करवा लिया गया और उन पर 2500 रुपये का जुर्माना किया गया। हूटर भी उतरवाए गए और काली फिल्म हटाई गई। इसके बाद सभापति अपनी गाड़ी छोड़कर बाइक से घर रवाना हो गए।
सभापति राधारमण डंडौतिया ने कहा कि उनके साथ महापौर की गाड़ी भी थी, लेकिन विपक्ष से होने के कारण पुलिसकर्मियों ने उनकी गाड़ी रोक ली और महापौर को जाने दिया। मजिस्ट्रेट चेकिंग में पकड़े गए अन्य वाहनों पर दो हजार से लेकर पांच हजार रुपये तक का जुर्माना किया गया।
मजिस्ट्रेट चेकिंग का असर यह रहा कि चार पहिया और दोपहिया वाहन सवार उल्टे लौटकर जाने लगे। जिस एमएस रोड पर दिनभर ई-रिक्शों की भीड़ से जाम लगता है, वहां से ई-रिक्शे अचानक गायब हो गए। दोपहिया वाहन सवार भी एमएस रोड को छोड़कर कॉलोनी-मोहल्लों की सड़कों से होकर आते-जाते दिखे।

