बुलंद सोच, मुंबई।
मुंबई के नरीमन पॉइंट स्थित प्रतिष्ठित एअर इंडिया बिल्डिंग की पहचान जल्द बदलने वाली है। दशकों से इमारत के शीर्ष पर लगा एयर इंडिया का मशहूर लोगो हटाया जाएगा और उसकी जगह महाराष्ट्र सरकार का लोगो या अशोक स्तंभ लगाया जाएगा। पिछले महीने महाराष्ट्र सरकार ने 23 मंजिला इस प्रतिष्ठित इमारत को 1,601 करोड़ रुपये में खरीदा था और अब इसे सरकारी प्रशासनिक केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है।
कैबिनेट बैठकों का नया केंद्र
इमारत की 22वीं मंजिल पर मौजूद बड़े कॉन्फ्रेंस हॉल का पूरी तरह नवीनीकरण किया जाएगा। भविष्य में महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठकें इसी हॉल में आयोजित होंगी।
अभी तक कैबिनेट की बैठकें मुंबई में मंत्रालय की सातवीं मंजिल, सह्याद्रि गेस्ट हाउस या विधानमंडल सत्र के दौरान विधान भवन में होती रही हैं।
महाराष्ट्र लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया को बताया कि 22वीं मंजिल पर बना कॉन्फ्रेंस हॉल पहले भी मौजूद था, लेकिन जब इमारत की कई मंजिलें किराए पर थीं तब इसका इस्तेमाल नहीं किया जाता था। अब इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
इसके अलावा 23वीं मंजिल पर मुख्यमंत्री के लिए एक मीटिंग रूम और अलग केबिन भी बनाया जाएगा। हालांकि मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) और दोनों उपमुख्यमंत्रियों के कार्यालय पहले की तरह मंत्रालय में ही रहेंगे।
इमारत का ऐतिहासिक महत्व
साल 1974 में एअर इंडिया के मुख्यालय के रूप में बनी यह सफेद संगमरमर की इमारत मुंबई की सबसे प्रतिष्ठित इमारतों में गिनी जाती है। मरीन ड्राइव से नरीमन पॉइंट में प्रवेश करते समय सबसे पहले यही इमारत नजर आती है।
यह इमारत 1993 के मुंबई सिलसिलेवार बम धमाकों की भी गवाह रही है। उस दौरान इसके बाहर हुए शक्तिशाली कार बम विस्फोट में कई लोगों की मौत हुई थी।
साल 2013 में एअर इंडिया का मुख्यालय नई दिल्ली स्थानांतरित होने के बाद इमारत के दफ्तर विभिन्न सरकारी संस्थानों को किराए पर दिए जाने लगे।
एअर इंडिया के निजीकरण के बाद यह संपत्ति सरकारी कंपनी एआई एसेट्स होल्डिंग लिमिटेड के पास चली गई थी। कई वर्षों की कोशिशों के बाद महाराष्ट्र सरकार ने पिछले महीने 1,601 करोड़ रुपये में इस इमारत का अधिग्रहण किया। इसके अंतिम प्रमुख किरायेदार आयकर विभाग ने भी अब परिसर खाली कर दिया है।
व्यापक नवीनीकरण और सरकारी उपयोग
सरकार अब इमारत के व्यापक नवीनीकरण की तैयारी कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, फर्श, सीलिंग, खिड़कियां, लिफ्ट और एस्केलेटर सहित कई सुविधाओं को आधुनिक बनाया जाएगा। इस काम के लिए करीब 180 करोड़ रुपये का टेंडर जल्द जारी होने की संभावना है।
योजना के मुताबिक, इमारत की कुल 23 मंजिलों में से 20 मंजिलों का इस्तेमाल सरकारी कार्यालयों के लिए किया जाएगा। करीब 10 सरकारी विभागों को दो-दो मंजिलें आवंटित की जाएंगी। इस तरह कभी एयर इंडिया की पहचान रही यह इमारत अब महाराष्ट्र सरकार के प्रशासनिक और नीतिगत फैसलों का नया केंद्र बनने जा रही है।

