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2026-07-27

मुरैना में स्कूल बस ड्राइवर की मौत पर हंगामा, परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, मुरैना।

मुरैना में स्कूल बस ड्राइवर की सीने में दर्द उठने के बाद मौत हो गई, जिसके बाद जिला अस्पताल से लेकर कलेक्टर बंगले के बाहर तक जमकर हंगामा हुआ।

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बागचीनी थाना क्षेत्र के हड़बांसी गांव निवासी 37 वर्षीय रामकुमार उर्फ बंटी पुत्र रामदीन शाक्य बागचीनी चौखट्ठा स्थित सुब्बाराम स्कूल के वाहन का ड्राइवर था। रविवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे उसके सीने में दर्द उठा और वह बेहोश हो गया, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल लाया गया जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतक के स्वजनों ने आरोप लगाया कि 15 मिनट तक डॉक्टर अपनी कुर्सी से नहीं उठे और इलाज में देरी के कारण बंटी की मौत हो गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आपत्ति लेने पर नर्स ने धक्कामुक्की की, अस्पताल में तैनात सिक्योरिटी गार्ड ने मारपीट की और अस्पताल चौकी के पुलिसकर्मी ने भी धक्कामुक्की की।

वहीं, मृतक का इलाज करने वाले डॉ. प्रशांत बड़ेरिया ने बताया कि मृतक की धड़कनें अस्पताल पहुंचने से पहले ही बंद हो चुकी थीं। उन्होंने कहा कि उसकी सांसें लौटाने के लिए दो बार सीपीआर भी दिया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। डॉ. बड़ेरिया ने यह भी बताया कि मृतक शराब पीने का आदी था।

मृतक की बड़ी बहन सुनीता शाक्य निवासी कृष्णा बिहार कॉलोनी मुरैना, रोते-रोते दो बार बेहोश हो गईं। उन्होंने डॉक्टरों और मारपीट करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए अस्पताल में ही खुदकुशी की धमकी दी। इस दौरान महिला एसआई लक्ष्मी भदौरिया ने उन्हें गले लगाकर ढांढस बंधाया।

जिला अस्पताल में एक घंटे से अधिक समय तक हंगामा होता रहा। इसके बाद स्वजन और ग्रामीण कलेक्टर आवास के बाहर बैठ गए, जहां डॉक्टरों पर इलाज के बदले पैसे मांगने तक के आरोप लगाए गए।

एसडीएम रामनिवास सिकरवार ने कार्रवाई और पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद का आश्वासन दिया, जिसके बाद हंगामा शांत हुआ और शव का पोस्टमार्टम करवाया गया।

बाद में स्वजन शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद यह लिखकर दे दिया कि उन्हें कोई जांच नहीं चाहिए। इसी कारण पुलिस ने भी मर्ग या अन्य कोई मामला दर्ज नहीं किया।

मृतक बंटी के दो बेटे और एक बेटी है।

पिता की मौत पर रो रहे 14 साल के बेटे प्रियांशु ने बताया कि उसके पिता घर से स्कूल जाने की बात कहकर निकले थे और कहा था कि उसके बाद वे ग्वालियर लड़का देखने जाएंगे। प्रियांशु ने बताया कि इस दीपावली के बाद बड़ी बहन मोहिनी की शादी करने की बात मम्मी-पापा कर रहे थे। उसके पिता ने बताया था कि एक रिश्तेदार ने मोहिनी के लिए ग्वालियर में अच्छा लड़का बताया है और उसे देखने वे रविवार दोपहर जाने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही यह हादसा हो गया।

मृतक के साथी अशोक जाटव ने बताया कि सुबह सवा आठ बजे वह, बंटी और गांव का ही एक लड़का भोला खटीक मोटरसाइकिल से बागचीनी चौखट्ठा स्कूल पर आए थे। अशोक जाटव के अनुसार, उस दिन छुट्टी थी, फिर भी बंटी ने कहा कि चलो आज स्कूल देख आते हैं, फिर ग्वालियर जाना है। अशोक जाटव ने बताया कि वह बाइक चला रहा था और बंटी बीच में बैठा था, तभी बंटी ने कहा कि उसे पेट में गैस सी बन रही है।

अशोक जाटव ने आगे बताया कि वे कुछ समझ पाते इससे पहले ही बंटी बेहोश सा हो गया। उसने बंटी का सीना दबाया और तत्काल चौखट्ठा से गाड़ी बुलवाकर अस्पताल आए। अशोक जाटव के अनुसार, वे पौने नौ बजे अस्पताल पहुंच गए थे और डॉक्टर के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन 15 मिनट तक डॉक्टर ने उनकी नहीं सुनी। जब डॉक्टर आए, तब उन्होंने बताया कि बंटी की मौत हो चुकी है। अशोक जाटव ने यह भी बताया कि बाद में नर्स धक्का देने लगी और पुलिसकर्मी ने भी धक्कामुक्की की। अशोक जाटव का मानना है कि अगर तत्काल डॉक्टर देख लेता तो शायद बंटी की जान बच जाती।