बुलंद सोच, रीवा।

भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त पुलिस ने लोक निर्माण विभाग संभाग रीवा के प्रभारी मुख्य अभियंता कैलाश कुमार लच्छे को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस दौरान उनके अशासकीय सहयोगी धर्मवीर भारती को भी पकड़ा गया है।
यह ट्रैप कार्यवाही मंगलवार को सिविल लाइन स्थित अटल पार्क के सामने आरोपी के शासकीय आवास के पास की गई।
कार्रवाई पूरी हो जाने के बाद दोनों को जमानत पर रिहा कर दिया गया है।
आरोपी काम के बदले शिकायतकर्ता से 1 लाख रुपये महीना मांग रहा था। शिकायतकर्ता सोनू सिंह सतना जिले की टेस्टिंग लैब प्राइवेट लिमिटेड में मैनेजर हैं, जिनकी फर्म पीडब्ल्यूडी द्वारा कराए जाने वाले निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का परीक्षण करती है।
परेशान होकर सोनू सिंह ने गत 4 अगस्त 2026 को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत की थी। शिकायत के सत्यापन के दौरान ही आरोपी ने अपने साथी धर्मवीर भारती के माध्यम से शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपये ले लिए थे।
सबूत मिलने के बाद उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार और निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया के नेतृत्व वाली टीम ने शिकायतकर्ता से दूसरी किश्त के 50 हजार रुपये लेते समय दोनों को दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में कैलाश कुमार लच्छे, पिता हरिचरण लच्छे, उम्र 59 वर्ष हैं। उनका पद प्रभारी मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग, संभाग रीवा है और मूल पद कार्यपालन यंत्री, पीडब्ल्यूडी जिला रीवा है। वह रोज 351, न्यू मिनाल रेजिडेंसी, भोपाल के निवासी हैं।
दूसरे आरोपी धर्मवीर भारती, पिता स्व. टीपी भारती, उम्र 59 वर्ष हैं। वह रामायणी सिटी, मेन बाईपास, विदिशा के निवासी हैं।
दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। मौके से 50 हजार रुपये की रिश्वत राशि जब्त कर ली गई है।
लोकायुक्त टीम आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

