बुलंद सोच, ग्वालियर।
ग्वालियर के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में बदहाल व्यवस्थाओं के कारण मरीजों और उनके स्वजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं को लेकर शिकायतें सीएम हेल्पलाइन तक पहुंच चुकी हैं।
गजराराजा मेडिकल कालेज (जीआरएमसी) प्रबंधन की ओर से इन समस्याओं के समाधान को लेकर कोई ठोस कार्रवाई अब तक नजर नहीं आई है।
अस्पताल में कुल पांच लिफ्टों में से तीन खराब हैं। इसके अतिरिक्त, मरीजों के लिए उपयोग होने वाली लिफ्ट में अंधेरा रहता है।
कई फ्लोर पर फाल्स सीलिंग क्षतिग्रस्त हो चुकी है और उसके हिस्से गिरने का खतरा बना हुआ है।
मरम्मत प्रस्ताव फाइलों में लंबित
इन समस्याओं के संबंध में शिकायतें होने के बावजूद, मरम्मत के प्रस्ताव अभी तक फाइलों से बाहर नहीं निकल पाए हैं।
महंगी फीस के बावजूद बुनियादी सुविधाओं का अभाव
सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में सामान्य ओपीडी के लिए 25 रुपये, प्राइवेट ओपीडी के लिए 500 रुपये, भर्ती के लिए 200 रुपये, एक्स-रे के लिए 100 रुपये, अल्ट्रासाउंड के लिए 200 रुपये, कलर डाप्लर के लिए 600 रुपये और ईसीजी के लिए 100 रुपये शुल्क लिया जा रहा है।
इस शुल्क के बावजूद, मरीजों को इलाज के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल
एक ओर जीआरएमसी प्रबंधन लगभग एक हजार करोड़ रुपये के प्रस्ताव तैयार कर अस्पताल और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की बात कर रहा है, वहीं दूसरी ओर मौजूदा अस्पताल में लिफ्ट और फाल्स सीलिंग जैसी बुनियादी समस्याएं दूर नहीं हो पा रही हैं।
सीएम हेल्पलाइन में शिकायत पहुंचने के बाद भी यदि मरीजों की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं होता है, तो यह प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है।
एक मरीज के स्वजन रामकेश सिंह का कहना है कि नई सुविधाओं के दावों से पहले अस्पताल में मौजूद व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाना आवश्यक है।

