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2026-08-14

सीहोर जिले में 24 घंटे में 3.96 इंच बारिश, नदी-नाले उफान पर, गांवों का संपर्क टूटा

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, सीहोर।

सीहोर जिले में रविवार सुबह से शुरू हुई रिमझिम बारिश ने सोमवार रात तेज रफ्तार पकड़ ली। रातभर हुई मूसलाधार बारिश से क्षेत्र की नदी-नाले उफान पर आ गए। इस बारिश के मौसम में पहली बार नदी-नालों में इतना तेज बहाव देखने को मिला। जिले में 24 घंटे में 3.96 इंच बारिश दर्ज की गई। कई गांवों में पानी भर गया, जबकि कुछ स्थानों पर मार्ग जलमग्न होने से गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया। घरों और दुकानों में पानी घुसने से लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ा।

श्यामपुर क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात

श्यामपुर क्षेत्र में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात हुई तेज बारिश से नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। क्षेत्र में कई जगह बाढ़ जैसे हालात बन गए। ग्राम बमुलिया में उद्गम स्थल से ही कुलांसी नदी उफान पर आ गई। इसके चलते करीब एक दर्जन गांवों का संपर्क प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। बैरागढ़ खुमान में रास्ते तालाब में तब्दील हो गए, वहीं मुंगावली गांव में भी पानी भर गया, जबकि चरनाल गांव में चारों तरफ पानी ही पानी नजर आया।

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चरनाल में भारी नुकसान की आशंका और राहत की मांग

चरनाल में ग्रामीणों के अनुसार, यह अब तक की सबसे बड़ी बाढ़ जैसी स्थिति है, जिससे बड़े नुकसान की आशंका है। गांव के कई घरों में पानी घुस गया। व्यापारियों की दुकानों में पानी भरने से सामान खराब होने के कारण भारी नुकसान की आशंका है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने की मांग की है।

दुपाड़िया दांगी गांव की स्थिति और रबी फसल पर प्रभाव

दुपाड़िया दांगी गांव में बारिश के बाद नदी का पानी बढ़कर ग्रामीण मोरसिंह मेवाड़ा के घर के समीप तक पहुंच गया। ग्रामीणों का कहना है कि अच्छी बारिश से आगामी रबी सीजन में जल संकट की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना कम होगी। बारिश से खेतों और जलस्रोतों को भी पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद जगी है।

सीहोर शहर में रिटर्निंग वाल की भूमिका

सीहोर शहर में तेज बारिश के दौरान कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी। सीटू नाले का जलस्तर बढ़ने के बावजूद रिटर्निंग वाल के कारण बड़ी राहत मिली। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह दीवार नहीं बनी होती तो नाले का पानी घरों और शहर की गलियों में प्रवेश कर सकता था। तेज बहाव के बीच दीवार ने पानी को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मयंक श्रोत्रिय जैकी ने बताया कि समय पर कराया गया यह काम शहर के लिए बेहद जरूरी साबित हुआ।

सफाईकर्मियों के घरों में पानी और निकासी की मांग

शहर को साफ रखने वाले सफाईकर्मी भी जलभराव से प्रभावित हुए। वाल्मीकि कालोनी में बारिश का पानी सफाईकर्मियों के घरों में घुस गया, जिससे उनके परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है।

स्कूलों की छुट्टी और सार्वजनिक सुरक्षा अपील

लगातार बारिश को देखते हुए सीहोर में स्कूलों की छुट्टी को लेकर अभिभावकों के मोबाइल पर संदेश पहुंचने शुरू हो गए। प्रशासन की ओर से बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। नदी-नाले उफान पर होने के बावजूद कुछ लोग तेज बहाव वाले रास्तों को पार करते नजर आए। यह दृश्य जोखिमपूर्ण थे। प्रशासन और स्थानीय लोगों ने अपील की है कि कोई भी व्यक्ति उफनती नदी या नाले को पार करने का जोखिम न उठाए। सावन के दूसरे सोमवार पर हुई इस बारिश को क्षेत्र के लोग जहां प्रकृति की मेहरबानी मान रहे हैं, वहीं बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए प्रशासन से सतर्कता और राहत व्यवस्था मजबूत रखने की मांग भी की जा रही है।