बुलंद सोच, ग्वालियर।
सीरियल किलर हनी दुबे केंद्रीय जेल ग्वालियर से पेरोल पर रिहा होने के बाद निगरानी को धता बताकर फरार हो गया है। वह 15 दिन की पेरोल पर बाहर गया था, लेकिन इसके बाद लौटकर जेल नहीं आया। हनी दुबे मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश में अब तक हत्या की चार वारदातों को अंजाम दे चुका है।
जेल प्रबंधन और पुलिस की चिंता
इतने कुख्यात अपराधी को आसानी से पेरोल मिलने और उसके जेल से बाहर जाने के बाद वापस न लौटने से जेल प्रबंधन के हाथ-पांव फूल रहे हैं। इसके चलते बहोड़ापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। गुना में हुए ट्रिपल मर्डर केस के मामले में गवाह, फरियादी और विवेचना करने वाले पुलिसकर्मी भी उसकी फरारी से दहशत में हैं। उसके फरार होने से गुना पुलिस के अधिकारी भी चिंतित हैं। इसके चलते उसकी घेराबंदी करने के लिए गुना में उसके नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।
पेरोल की जानकारी और पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड
हनी दुबे और उसकी मां पूनम दुबे को छह जुलाई को पेरोल मिली थी। वे 15 दिन की पेरोल पर गए थे और इन्हें 21 जुलाई को वापस लौटना था। मां तो जेल लौट आई, लेकिन बेटा हनी दुबे नहीं लौटा। इसके बाद जेल प्रबंधन ने गुना पुलिस को सूचना दी। हनी दुबे किशोरावस्था से ही अपराधी है। उसने उत्तरप्रदेश के हाथरस में प्रेमिका के साथ मिलकर उसके पति की हत्या कर डाली थी। इस मामले में वह पकड़ा गया था और उसे इंदौर के बाल सुधार गृह में रखा गया था। हनी दुबे वहां से भाग गया था। इसके बाद उसने गुना में हत्या कर डाली थी। केंद्रीय जेल ग्वालियर के जेलर रामगोपाल पाल ने बताया कि ट्रिपल मर्डर केस में सजा काट रहा बंदी हनी दुबे पेरोल पर गया था। उन्होंने पुष्टि की कि उसकी मां तो लौट आई लेकिन वह नहीं लौटा और बहोड़ापुर थाना पुलिस को सूचना दे दी गई है।
