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2026-07-25

उज्जैन में 8 प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण को मंजूरी, प्रभावितों को क्षतिपूर्ति देने के प्रस्ताव पारित

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, उज्जैन।

उज्जैन नगर निगम के विशेष सम्मेलन में 26 प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद शहर के आठ प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इन मार्गों पर प्रभावित मकानों और दुकानों के मुआवजे की समस्या सबसे बड़ी बाधा थी। परिषद ने प्रभावित हितग्राहियों को क्षतिपूर्ति देने के प्रस्ताव पारित कर दिए हैं। इसके उपरांत प्रशासन मुआवजा वितरण, भूमि हस्तांतरण और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पूरी कर निर्माण एजेंसियों को कार्यस्थल सौंपेगा। ये सभी मार्ग सिंहस्थ-2028 की दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

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प्रमुख मार्गों का विकास

सबसे अहम चौड़ीकरण गदा पुलिया से जयसिंहपुरा होते हुए लालपुल (भगतसिंह मार्ग) तक होगा। यह मार्ग पुराने शहर और महाकाल क्षेत्र को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। चौड़ीकरण से यहां वर्षों से लगने वाले जाम में राहत मिलेगी और सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान होगी। वीडी क्लाथ मार्केट से तेलीवाड़ा, ढाबा रोड होते हुए छोटी पुलिया तक के मार्ग को चौड़ा करने की बाधाएं भी हट जाएंगी। यह शहर के सबसे व्यस्त व्यापारिक क्षेत्रों में शामिल है। चौड़ीकरण से बाजार क्षेत्र में यातायात सुगम होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी सुविधा मिलेगी। गाड़ी अड्डा चौराहे से बड़ापुल तक लाला लाजपतराय मार्ग, वल्लभभाई पटेल मार्ग और वीर दुर्गादास मार्ग का चौड़ीकरण भी तेजी से पूरा होगा। इससे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और शहर के मध्य क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद है। हरिफाटक मार्ग से महाराजवाड़ा स्कूल क्रमांक-2 होते हुए महाकाल पार्किंग (अहिल्याबाई मार्ग) तक सड़क चौड़ीकरण को भी मंजूरी मिल गई है। यह महाकाल मंदिर पहुंचने वाले प्रमुख मार्गों में शामिल है और सिंहस्थ तथा त्योहारों के दौरान इस मार्ग पर सबसे अधिक दबाव रहता है। गेल इंडिया चौराहे से नीलगंगा, शांतिनगर होते हुए मंथन चौराहे तक तथा सांवेर रोड से मुनीनगर, ्थक नगर होते हुए इंदौर रोड तक के चौड़ीकरण प्रस्ताव भी पारित किए गए हैं। इन मार्गों के विकसित होने से इंदौर रोड की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और शहर के नए आवासीय क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा।

अन्य परियोजनाओं को भी क्षतिपूर्ति

इसी प्रकार, हामुखेड़ी बिजासन माता मंदिर से देवास रोड तक सड़क चौड़ीकरण तथा हरिफाटक आरओबी फोरलेन परियोजना से प्रभावित लोगों को मुआवजा देने का प्रस्ताव भी पारित हुआ है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य सिंहस्थ-2028 के दौरान शहर में निर्बाध और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

प्रशासन के सामने चुनौती

अब इस बात पर निगाह रहेगी कि नगर निगम मुआवजा वितरण और अधिग्रहण की प्रक्रिया कितनी तेजी से पूरी करता है। यदि भुगतान और कब्जा हस्तांतरण समय पर हो गया तो वर्षों से अटकी सड़क चौड़ीकरण परियोजनाएं गति पकड़ सकती हैं। सिंहस्थ-2028 से पहले इन मार्गों का निर्माण पूरा करना प्रशासन की सबसे बड़ी परीक्षा होगी।

सिंहस्थ के लिए रेलवे की पहल

उज्जैन सिंहस्थ के लिए पंवासा में एक नया स्टेशन बनाकर मुख्य स्टेशन पर भीड़ को कम किया जाएगा।