बुलंद सोच, नई दिल्ली।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ओडिशा सरकार की उस याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई, जिसमें एनिमेटेड फिल्म ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ की रिलीज को चुनौती दी गई थी।
इस फिल्म को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) से स्क्रीनिंग की मंजूरी मिल चुकी थी, और ओडिशा सरकार ने तर्क दिया था कि फिल्म की रिलीज से राज्य में कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है।
इससे पहले, जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और आर. महादेवन की बेंच ने भगवान जगन्नाथ यात्रा के कार्यक्रमों के बाद, 28 जुलाई या उसके बाद इस एनिमेटेड फिल्म को पूरे देश में रिलीज करने की अनुमति दी थी।
सोमवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच के सामने इस याचिका का जिक्र किया गया, और बेंच ने मंगलवार को मामले की सुनवाई करने पर सहमति जताई।
कपिल सिब्बल की जनहित याचिका पर नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने कपिल सिब्बल की ओर से दायर एक जनहित याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।
इस याचिका में संविधान की दसवीं अनुसूची की उस व्याख्या को चुनौती दी गई है, जो विधायकों को राजनीतिक पार्टी के विलय का रास्ता अपनाकर दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य होने से बचने की इजाजत देती है।

