बुलंद सोच, इंदौर।
मध्य प्रदेश टैक्स कंसल्टेंट्स एसोसिएशन (एमपीटीसीए) इंदौर ज़ोन ने शनिवार को नई टैक्स ऑडिट व्यवस्था की बारीकियों को समझाने के लिए एक सेमिनार का आयोजन किया।
ऑडिट रिपोर्ट फाइनल करने से पहले मिलान आवश्यक
सेमिनार में विशेषज्ञ वक्ताओं ने कर पेशेवरों को सुझाव दिया कि ऑडिट रिपोर्ट फाइनल करने से पहले हर नियम और आंकड़ों का बारीकी से मिलान करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि टैक्स ऑडिट का अर्थ केवल खातों की जांच और फॉर्म 3 सीडी भरना नहीं है, बल्कि जीएसटी, टीडीएस, एआईएस, 26 एएस और वित्तीय विवरणों में दिखाई देने वाले सभी आंकड़ों का मिलान भी इसमें शामिल है। आंकड़ों और ऑडिट फॉर्म में अंतर पाए जाने पर इसे अनियमितता या कमी की श्रेणी में रखा जाएगा।
पेनाल्टी प्रावधान पर सवाल
कर पेशेवरों के साथ विशेषज्ञ वक्ताओं ने टैक्स ऑडिट रिपोर्ट में देरी पर 1.50 लाख रुपये तक की पेनाल्टी के प्रावधान को अव्यवहारिक बताया। उन्होंने करदाताओं और टैक्स प्रोफेशनल्स के समक्ष इसकी कानूनी वैधता और व्यवहारिकता पर भी सवाल खड़े किए।
मुख्य वक्ता सीए पलक पावागढ़ी का मार्गदर्शन
सेमिनार के मुख्य वक्ता अहमदाबाद से आए सीए पलक पावागढ़ी थे। उन्होंने ‘नई टैक्स ऑडिट व्यवस्था एवं व्यावहारिक रिपोर्टिंग की बारीकियां’ विषय पर टैक्स ऑडिट की बदलती प्रकृति और रिपोर्टिंग की बारीकियों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बताया कि टैक्स ऑडिट रिपोर्ट को अंतिम रूप देने से पहले केवल बुक्स ऑफ अकाउंट्स की जांच पर्याप्त नहीं है, बल्कि विभिन्न उपलब्ध स्रोतों से प्राप्त आंकड़ों का आपसी मिलान और उनके बीच अंतर का उचित विश्लेषण भी आवश्यक है। सीए पावागढ़ी ने विशेष रूप से असेसमेंट ईयर 2026-27 के टैक्स ऑडिट को लेकर महत्वपूर्ण व्यावहारिक बिंदुओं पर चर्चा की। उन्होंने ऑडिटर को टर्नओवर रिसीप्ट का बुक्स, जीएसटी रिटर्न, टीडीएस डेटा, एआईएस एवं अन्य उपलब्ध सूचनाओं से मिलान करने की सलाह दी।
सीए सुमित नेमा ने कानूनी पहलुओं को समझाया
दूसरे तकनीकी सत्र में वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सीए सुमित नेमा ने ‘लीगल वैलिडिटी ऑफ पेनाल्टी अप टू ₹1.50 लाख फॉर डिले इन टैक्स ऑडिट’ विषय पर कानूनी पहलुओं को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 271बी के तहत टैक्स ऑडिट रिपोर्ट में निर्धारित समय के भीतर ऑडिट करवाने अथवा रिपोर्ट प्रस्तुत करने में चूक की स्थिति में पेनाल्टी का प्रावधान है।
सेमिनार का संचालन एवं प्रश्नोत्तर सत्र
सेमिनार का संचालन एमपीटीसीए के सचिव सीए शैलेंद्र सिंह सोलंकी ने किया। दोनों विशेषज्ञ वक्ताओं का परिचय सीए कीर्ति जोशी ने प्रस्तुत किया। तकनीकी सत्रों के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न व्यावहारिक और कानूनी मुद्दों पर विशेषज्ञों से सवाल किए, जिनका समाधान किया गया।
आयकर रिटर्न फॉर्म में बदलाव
आयकर रिटर्न फॉर्म में 10 बदलाव हुए हैं, और जरा सी चूक से नोटिस आ सकता है।

