बुलंद सोच, उज्जैन।
उज्जैन में निर्मोही अखाड़े के महामंडलेश्वर ज्ञान दास पर एक युवती ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, मारपीट और धमकाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती की शिकायत पर महाकाल थाना पुलिस ने प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर ली है। प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी मिलते ही आरोपी महामंडलेश्वर कथित तौर पर आश्रम छोड़कर फरार हो गए हैं।
एडिशनल एसपी आलोक शर्मा के अनुसार, युवती एक सांस्कृतिक समूह से जुड़ी है। आरोप है कि सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान उसकी मुलाकात सदावल मार्ग स्थित दादूराम आश्रम के संचालक ज्ञान दास महाराज से हुई थी। इसके बाद महाराज ने उसे फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी और व्हाट्सएप पर चैटिंग शुरू की।
युवती का आरोप है कि वह लगभग एक वर्ष तक आश्रम आती-जाती रही। इसी दौरान महामंडलेश्वर ने शादी का झांसा देकर उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया। जब महामंडलेश्वर ने शादी करने से इनकार कर दिया, तो युवती ने सबूतों के साथ पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय और महाकाल थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस जांच और साक्ष्य
महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि युवती ने एसपी प्रदीप शर्मा को दी अपनी शिकायत में दावा किया है कि वह दो बार गर्भवती हुई थी। युवती के अनुसार, पहली बार अक्टूबर 2025 में और दूसरी बार जून 2026 में वह गर्भवती हुई थी। दोनों मामलों की मेडिकल रिपोर्ट भी शिकायत के साथ संलग्न की गई है।
युवती ने पुलिस को ऑडियो रिकॉर्डिंग और व्हाट्सएप चैटिंग जैसे साक्ष्य भी सौंपे हैं। उसने आईजी, एडीजी, कलेक्टर और एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस मामले में महाकाल थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महामंडलेश्वर का प्रतिवाद
इस पूरे मामले में महामंडलेश्वर ज्ञान दास ने पहले ही आरोपों को निराधार बताया था। उन्होंने भी थाने में एक आवेदन देकर अपना पक्ष रखा था। उनका कहना है कि युवती उन्हें हनीट्रैप और ब्लैकमेल कर रही थी।
महामंडलेश्वर ने दावा किया कि युवती ने उनसे 50 लाख रुपये का मकान और 25 लाख रुपये नकद की मांग की थी। उनकी मांग पूरी न होने पर झूठे आरोप लगाए गए हैं। उनका यह भी दावा है कि ब्लैकमेलिंग के चलते वे अब तक लाखों रुपये दे चुके हैं।
सार्वजनिक प्रतिक्रिया
बताया जा रहा है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से महामंडलेश्वर आश्रम छोड़कर चले गए हैं। उनके शिष्यों का कहना है कि सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें इलाज के लिए ले जाया गया है। पुलिस ने इस मामले में अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के बाद स्थानीय लोगों और साधु-संत समाज में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो धार्मिक पद की आड़ में इस तरह का कृत्य समाज के लिए शर्मनाक है।

