बुलंद सोच, इंदौर।

मध्य प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में बुनियादी सुविधाओं की कथित कमी के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को इंदौर कलेक्ट्रेट में जबरन प्रवेश किया। यह घटना पुलिस द्वारा रोके जाने और कार्यकर्ताओं के नाराज होने के बाद हुई।
कार्यकर्ताओं ने पहले कलेक्ट्रेट के बाहर नारेबाजी की और बाद में मुख्य गेट से परिसर में घुसने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। परिसर में घुसने से रोके जाने पर नाराज प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों की उपस्थिति में जबरदस्ती बैरिकेड हटा दिए और कलेक्ट्रेट में प्रवेश कर गए। गुस्साए कार्यकर्ताओं को परिसर के बंद चैनल गेट को जोर-जोर से हिलाते हुए भी देखा गया।
पांढरीनाथ पुलिस स्टेशन के प्रभारी सतीश पटेल ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान जिला कलेक्ट्रेट में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। प्रदर्शन के संबंध में अब तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।
एबीवीपी की इंदौर महानगर इकाई के सचिव देवेश गुर्जर ने एक समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि संगठन ने स्थानीय प्रशासन को अपने नियोजित शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के बारे में पहले ही सूचित कर दिया था। उन्होंने कहा कि वे केवल अधिकारियों को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपना चाहते थे। गुर्जर ने यह भी बताया कि कार्यकर्ताओं को कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर रोका गया और उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया, जिससे वे नाराज हो गए।
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार को संबोधित एक ज्ञापन एक प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। इस ज्ञापन में उनकी 18 मांगें शामिल थीं। इन मांगों में राज्य के सरकारी कॉलेजों में पर्याप्त सुरक्षा और पार्किंग सुविधा, सुरक्षित पेयजल, साफ शौचालय और क्लासरूम में पर्याप्त बेंच, पंखे और रोशनी की व्यवस्था करना शामिल था।
भाजपा शासित राज्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े छात्र संगठन का यह विरोध प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के जून-जुलाई के आंदोलन के बाद युवा पीढ़ी से जुड़े मुद्दों पर बढ़ती राजनीतिक बहस के बीच हुआ।
अन्य प्रदर्शन
जबलपुर में सांदीपनी विद्यालय के सैकड़ों छात्र सड़क पर उतरे और स्कूल को 10 किलोमीटर दूर स्थानांतरित करने का विरोध किया। छात्रों ने जबलपुर-दमोह-भोपाल रोड को जाम कर दिया।

