बुलंद सोच,।
मध्य प्रदेश के नए मुख्य सचिव के रूप में 1991 बैच के आईएएस अधिकारी अशोक बर्णवाल की नियुक्ति ने प्रशासनिक हलकों में वरिष्ठता को लेकर चर्चा तेज कर दी है। यह नियुक्ति मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन को दिल्ली में नीति आयोग का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बनाए जाने के बाद हुई है।
बर्णवाल से वरिष्ठ 1990 बैच के आईएएस डॉ. राजेश कुमार राजौरा प्रदेश में कार्यरत हैं, जबकि 1991 बैच के ही मनोज गोविल केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर हैं। राज्य सरकार ने इन दोनों को छोड़ अशोक बर्णवाल पर भरोसा जताया है।
जानकारी के अनुसार, मुख्य सचिव पद के लिए डॉ. राजेश राजौरा के नाम पर भी विचार हुआ था, लेकिन उनके नाम पर सहमति नहीं बन सकी। वहीं, मनोज गोविल केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर हैं। ऐसे में सरकार ने अशोक बर्णवाल को यह जिम्मेदारी सौंपी।
अशोक बर्णवाल की पहचान एक शांत, निर्विवाद और मेहनती अधिकारी के रूप में है। वे शिवराज सिंह चौहान और कमलनाथ, दोनों पूर्व मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। विभिन्न विभागों में लंबे प्रशासनिक अनुभव और तेज कार्यशैली के कारण उन्हें सरकार का भरोसेमंद अधिकारी माना जाता है।
1991 बैच के आईएएस अधिकारी अशोक बर्णवाल वर्तमान में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव हैं। उनके पास भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग का दायित्व भी रहा है और वे खाद्य सुरक्षा आयुक्त की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। बर्णवाल को मजबूत प्रशासनिक अनुभव वाला अधिकारी माना जाता है।
मध्य प्रदेश विधानसभा में ‘कीड़ा’ टिप्पणी को लेकर गहमा-गहमी रही। रिकॉर्ड की जांच के बाद, स्पीकर ने स्पष्ट किया कि विजयवर्गीय ने यह शब्द नहीं कहा था।

