BREAKING NEWS
2026-07-31

भोपाल में आवासीय अनुमति पर व्यावसायिक गतिविधि: 429 प्रतिष्ठानों पर 30 जुलाई को सीलिंग का खतरा

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

राजधानी भोपाल में आवासीय अनुमति पर व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन को लेकर नगर निगम ने 800 से अधिक व्यापारियों को नोटिस थमाए हैं। इनमें से उन व्यापारियों की दुकानें और शोरूम 30 जुलाई को सील हो सकते हैं, जिन्हें 15 जून को नोटिस जारी किए गए थे। अरेरा कॉलोनी और रोहित नगर के 429 व्यापारियों को सबसे पहले नोटिस मिले थे, जिनकी मोहलत 29 और 30 जुलाई को समाप्त हो रही है। इस कार्रवाई को लेकर अरेरा कॉलोनी और रोहित नगर के नागरिक राहत महसूस कर रहे हैं, जबकि इन इलाकों के व्यापारियों में बेचैनी है। दरअसल, 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में आवासीय अनुमति पर व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन से संबंधित याचिका पर सुनवाई होनी है। राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट को जवाब देने की तैयारी कर रही है, वहीं पीड़ित रहवासी इस मुद्दे को आंदोलन का रूप देने की रणनीति बना रहे हैं।

Advertisement

मामला क्या है

अरेरा कॉलोनी में ई-2 से लेकर ई-5 तक के रिहायशी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में व्यावसायिक गतिविधियां लगभग डेढ़ से दो दशकों से आवासीय अनुमति पर संचालित हो रही हैं। इससे यहां के रहवासी खासे परेशान हैं, हालांकि यही स्थिति पूरे शहर में भी है। अरेरा कॉलोनी के रहवासी पिछले दो सालों से इस समस्या के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। तमिलनाडु की एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान, अरेरा कॉलोनी निवासी पूर्णेंदु शुक्ला एमिकस क्यूरी के माध्यम से इस मामले में पक्षकार बने। इसी मुद्दे पर उनकी याचिका हाईकोर्ट में भी लंबित है।

नोटिस वितरण

सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद, नगर निगम ने 15 जून से अरेरा कॉलोनी और रोहित नगर में आवासीय अनुमति लेकर व्यावसायिक संचालन करने वाले व्यापारियों को नोटिस देने शुरू किए। इसके बाद 17 जुलाई को इन्हीं इलाकों के व्यापारियों को दोबारा नोटिस जारी किए गए। पूरे शहर में अब तक नगर निगम 800 से अधिक व्यापारियों को नोटिस थमा चुका है।

नागरिकों का आंदोलन

अरेरा कॉलोनी ई-2 में मंगलवार को शहर के विभिन्न इलाकों के रहवासियों के बीच एक बैठक हुई। इस बैठक में इस मामले को आंदोलन का रूप देने के लिए रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक में गौतम नगर, गुलमोहर, रचना नगर रहवासी संघ के अध्यक्ष मयंक नागर, अरेरा व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स संघ के नीरज गुलाटी और शाहपुरा आवासीय संघ की अध्यक्ष शुभ्रा श्रीवास्तव शामिल हुए। बैठक में 1 अगस्त से ‘सिटिजन वॉक’ का आयोजन करने का निर्णय लिया गया, जिसमें नागरिक बैनर-पोस्टर लेकर जागरूकता रैली निकालेंगे।

रहवासियों की राय

याचिकाकर्ता पूर्णेंदु शुक्ला ने कहा, ‘हम अपने घरों में सुख-चैन से रहना चाहते हैं। रात को डीजे का शोर, होटलों के बर्तन धोने की आवाज, तमाम चीजें ऐसी होती हैं, जिनकी वजह से लोग अपने घर में सुख-शांति से नहीं रह पा रहे। जबकि अरेरा कॉलोनी में शासकीय लीज की जमीन है। आवासीय अनुमति पर व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन गलत है, इसको बंद होना चाहिए।’ अरेरा कॉलोनी के रहवासी विवेक त्रिपाठी ने बताया, ‘सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि आवासीय भूमि पर किए गए अवैध निर्माणों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें हटाया जाए। जिसके बाद मेरठ में बड़ी संख्या में आवासीय परिसरों में संचालित मॉल, होटलों पर कार्रवाई की गई थी, परंतु भोपाल में रसूखदार लोगों के आगे प्रशासन बेबस नजर आ रहा है।’

व्यापारियों का पक्ष

10 नंबर व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष आनंद सोनी ने कहा, ‘व्यापारी सरकार को कमर्शियल टैक्स दे रहे हैं। कमर्शियल बिजली का कनेक्शन, गुमास्ता और जीएसटी है। सब कुछ है। सैकड़ों कर्मचारी दुकानों में काम करते हैं। हम कहीं से भी गलत नहीं हैं।’

नगर निगम का बयान

नगर निगम के उपायुक्त भुवन गुप्ता ने बताया, ‘व्यापारियों के पास आज और कल की मोहलत है। हमने सबसे पहले 15 जून को नोटिस दिया था, उसके बाद 17 जुलाई को नोटिस दिए। नोटिस में साफ लिखा है कि मोहलत खत्म होने पर दुकान को सील किया जाएगा। यदि अनुमति अनुरूप कार्य नहीं होता, तो व्यापारी शपथ पत्र आयुक्त को अवगत कराएंगे।’