बुलंद सोच।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट कुछ दिन पूर्व प्रस्तुत की गई थी, जिसके निष्कर्ष अब धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं।
इस रिपोर्ट में ममता बनर्जी सरकार के कार्यकाल के दौरान सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, धन के उपयोग, स्वास्थ्य व्यवस्था, आपदा राहत और वित्तीय प्रबंधन को लेकर कई गंभीर प्रश्न उठाए गए हैं।
रिपोर्ट के निष्कर्षों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पश्चिम बंगाल भाजपा के मुख्य प्रवक्ता देबजीत सरकार ने इसे एक प्रकार का “संगठित अपराध” करार दिया।
सरकार ने आगे कहा कि इस कथित अपराध से केवल बंगाल के एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि बंगाल की पाँच-पाँच पीढ़ियों को नुकसान हुआ है। उन्होंने इसमें संलिप्त सभी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की मांग की।

