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2026-08-14

CJP संस्थापक अभिजीत दीपके का 15 अगस्त से सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने का देशव्यापी अभियान

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच।

कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोमवार को गांवों के सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए एक देशव्यापी अभियान शुरू करने का एलान किया। यह अभियान 15 अगस्त से प्रारंभ होगा। दीपके ने नागरिकों, अभिभावकों और गांव के नेताओं से सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को दूर करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पिछले 80 वर्षों में गांवों के सरकारी स्कूलों की सबसे अधिक अनदेखी की गई है। दीपके ने प्रश्न किया कि यदि नई संसद और नया प्रधानमंत्री आवास बनाया जा सकता है, तो गांवों में नए और बेहतर स्कूल क्यों नहीं बनाए जा सकते। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों और मजदूरों के बच्चे भी देश का भविष्य हैं।

अभिभावकों की भूमिका और सुविधाओं की जांच

अभियान के तहत, सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता से स्वयं स्कूल जाकर बुनियादी सुविधाओं की स्थिति देखने को कहा गया है। अभिभावकों को यह जांचना होगा कि स्कूल में बिजली उपलब्ध है या नहीं, साफ पीने का पानी मिल रहा है या नहीं और शौचालय काम कर रहे हैं या नहीं। इसके अतिरिक्त, बच्चों को मिड-डे मील मिल रहा है या नहीं, इसकी भी जानकारी जुटाई जाएगी। दीपके ने बताया कि कई गांवों में बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, और स्कूल पहुंचने के बाद भी उन्हें पानी और शौचालय जैसी जरूरी सुविधाएं नहीं मिलतीं। उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं को होने वाली परेशानी का मुद्दा उठाया। CJP जल्द ही एक प्रिंटेबल ऑडिट फॉर्म जारी करेगी, जिसमें अभिभावक स्कूल में मौजूद और अनुपस्थित सुविधाओं की जानकारी दर्ज कर सकेंगे।

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'सरपंच चैलेंज' पहल

CJP ने देशभर के सरपंचों से अपने गांव के सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने की अपील की है। इस पहल को ‘सरपंच चैलेंज’ नाम दिया गया है। इसके तहत, जो सरपंच अपने गांव के स्कूल में सुधार करेंगे, उनके काम को सार्वजनिक रूप से सामने लाया जाएगा। CJP सोशल मीडिया पर स्कूल के सुधार से पहले और बाद की तस्वीरें साझा करेगी और संबंधित सरपंच को इसका श्रेय दिया जाएगा। दीपके ने कहा कि एक गांव का स्कूल बेहतर होगा तो दूसरे गांवों के सरपंच भी उससे प्रेरणा ले सकते हैं। उन्होंने खुद महाराष्ट्र के हिंगोली स्थित अपने गांव से इस पहल की शुरुआत करने की बात कही है। उनका कहना है कि गांवों के बच्चों को भी शहरों के बच्चों जैसी जरूरी सुविधाएं मिलनी चाहिए।

साक्ष्य जुटाना और मौलिक अधिकार

CJP ने अभिभावकों से कहा है कि यदि स्कूल में जरूरी सुविधाएं नहीं हैं, तो वे उनकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी करें। संगठन की ओर से जारी किए जाने वाले ऑडिट फॉर्म में स्कूल की स्थिति दर्ज की जाएगी। अभियान से जुड़े वीडियो के साथ इस फॉर्म को साझा करने के लिए एक लिंक दिया जाएगा। CJP का कहना है कि अभिभावक स्कूल की वास्तविक स्थिति सामने लाकर यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि बच्चों की पढ़ाई बेहतर हो। दीपके ने कहा कि बच्चों की अच्छी शिक्षा उनका मौलिक अधिकार है। उन्होंने लोगों से गांवों में रहने वाले बच्चों के लिए स्कूलों को बेहतर बनाने का संकल्प लेने की अपील की। अभियान का संदेश है कि देश के गांवों में रहने वाले बच्चों को भी अच्छी शिक्षा और जरूरी सुविधाएं मिलनी चाहिए।

सीजेपी की पृष्ठभूमि और नई दिशा

कॉकरेच जनता पार्टी ने अपनी शुरुआत एक ऑनलाइन व्यंग्य मंच के रूप में की थी, जिसके बाद उसने सड़क पर उतरकर अभियान चलाए। दिल्ली के जंतर-मंतर पर परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ उसका 36-दिवसीय आंदोलन 25 जुलाई को तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद समाप्त हुआ था। इसके उपरांत CJP के भविष्य पर चर्चा हुई, और इस महीने महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में हुई दो दिवसीय रणनीति बैठक में संगठन ने चुनावी राजनीति में प्रवेश करने के बजाय एक युवा आंदोलन के रूप में आगे बढ़ने का निर्णय लिया। इसी के साथ, देशव्यापी पहुंच बनाने के उद्देश्य से ‘क्या बोलती पब्लिक?’ अभियान की भी घोषणा की गई। अब गांवों के सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने का यह अभियान इसी दिशा में CJP की एक नई पहल के रूप में सामने आया है। अभिजीत दीपके ने इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में देश के युवाओं को संबोधित करने की भी अपील की थी।