बुलंद सोच, दतिया।
दतिया शहर इस समय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के झंडों, बैनरों और होर्डिंग्स से पूरी तरह भरा हुआ है। नेताओं के वाहन निरंतर शहर में घूम रहे हैं। सिविल लाइंस की मुख्य सड़क पर स्थित चाय-पकौड़े की हर दुकान पर अंचल भर के नेता कलफ लगे कुर्ते-पायजामों में जमघट लगाए हुए हैं।
मुख्यमंत्री का रोड शो
इन नेताओं के जमावड़े का कारण सोमवार शाम को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कार्यक्रम है। वे पीतांबरा माई के दरबार के सामने एक सभा को संबोधित करने के बाद पूरे शहर में रोड शो करेंगे। यहां पहुंचे प्रत्येक नेता की दिली इच्छा है कि मुख्यमंत्री की नजर उन पर भी पड़े।
गांवों में कांग्रेस की सक्रियता
वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता दबे पांव गांव-गांव घूमकर मतदाताओं से संपर्क साध रहे हैं। वे चिपचिपी गर्मी में पसीना बहाते हुए मतदाताओं से 30 जुलाई को मतदान बूथ पहुंचकर ‘दाऊ साहब’ (घनश्याम सिंह) को जिताने का आग्रह कर रहे हैं।
दिग्विजय सिंह का अभियान
कांग्रेस के इस अभियान का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह कर रहे हैं। वे रविवार रात दतिया पहुंचे और सुबह ही गांवों की ओर निकल गए।
उदगवां गांव में चुनावी हलचल
इसी क्रम में, दोपहर करीब दो बजे दतिया से लगभग 25 किलोमीटर दूर ग्राम उदगवां में भी चुनावी हलचल देखी गई। यहां तिराहे पर कुछ ही देर पहले दिग्विजय सिंह एक नुक्कड़ सभा करके गए थे। दो दिन पहले इसी गांव के मंडी परिसर में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक बड़ी सभा को संबोधित किया था, जिसमें उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा था।
मतदाता की खामोशी
चुनावी शोर अपने चरम पर है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने दिग्गज नेताओं को मैदान में उतारा है। शहर में भाजपा का प्रचार अधिक दिखाई देता है, जबकि गांवों में कांग्रेस लगातार संपर्क साध रही है। इन सब के बीच, मतदाता अब भी अपने पत्ते नहीं खोल रहे हैं। चाय की दुकानों से लेकर चौपाल तक चर्चा तो खूब है, लेकिन मतदान किसके पक्ष में जाएगा, इसका जवाब हर कोई 30 जुलाई के लिए टाल रहा है।

