बुलंद सोच, दिल्ली।
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी और विभिन्न राजनीतिक दलों के विरोध-प्रदर्शनों के मद्देनजर केंद्र सरकार ने सीआरपीएफ और आरएएफ की अतिरिक्त 24 कंपनियों को तैनात किया है। ये कंपनियां दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर कानून व्यवस्था की स्थिति को संभालेंगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब विरोध प्रदर्शन करने वालों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा।
कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बुधवार को नई दिल्ली में 16 मेट्रो स्टेशन अस्थायी तौर से बंद कर दिए गए। सूत्रों के अनुसार, नई दिल्ली में जंतर मंतर पर कई दिनों से विरोध प्रदर्शन जारी है। पिछले दो दिनों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पें दर्ज की गई हैं, जिनमें वाहनों में तोड़फोड़ के अलावा पत्थरबाजी की घटनाएं भी शामिल हैं।
मंगलवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के अन्य सांसद एकाएक सात लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। इसे एक असामान्य घटना बताया गया। इस विरोध प्रदर्शन के कारण प्रधानमंत्री आवास के सुरक्षा घेरे में तैनात कमांडो की संख्या बढ़ानी पड़ी। थ्रेट कलर के अनुसार, एसपीजी के अतिरिक्त कमांडो प्रधानमंत्री आवास पर तैनात किए गए और बाहरी सुरक्षा घेरे को और मजबूत किया गया।
कॉकरोच जनता पार्टी ने घोषणा की है कि वह अपना प्रदर्शन जारी रखेगी। दूसरी ओर, कई विपक्षी दल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। ऐसी स्थिति में सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीआरपीएफ को बुलाया गया है।
सूत्रों के अनुसार, सीआरपीएफ की 9 कंपनियां छत्तीसगढ़ से, तीन झारखंड से, पांच मध्य प्रदेश से और एक ओडिशा से बुलाई गई हैं। इसी प्रकार, आरएएफ के पश्चिम सेक्टर से चार कंपनियों को दिल्ली के लिए रवाना किया गया, जबकि दक्षिण सेक्टर से दो कंपनियां दिल्ली पहुंच गई हैं।
